पंचायतों में पांच साल से 5 हजार से ज्यादा काम अधूरे, 67 उपयंत्रियों को नोटिस

-जिले में मनरेगा के वित्तीय वर्ष 2017-18 सहित अन्य योजनाएं के बड़े पैमाने पर नहीं कराए गए हैं विकास कार्य

By: Rajesh Patel

Published: 16 Oct 2020, 11:11 PM IST

रीवा. मनरेगा योजना में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों खैर नहीं है। जिला पंचायत सीइओ ने पंचायतों में पांच साल से अधूरे विकास कार्यों को लेकर उपयंत्रियों पर शिकंजा सकना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक कार्रवाई में जिला पंचायत सीइओ ने 67 उपयंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

पांच साल तक के विकास कार्य लंबित
मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 से लेकर उससे पहले के करीब पांच साल तक के विकास कार्य बड़े पैमाने पर पंचायतों में लंबित हैं। जिपं सीइओ स्वप्लिन वाानखेड़े ने समीक्षा के दौरान मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारों पर शिकंजा सकना शुरू कर दिया है। सीइओ ने शुक्रवार को रीवा जनपद सीमेत जिले के लगभग 67 उपयंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

9 जनपद पंचायतों के उपयंत्री शामि

लापरवाही बरतने वाले जिले के 9 जनपद पंचायतों के करीब-करीब सभी उपयंत्री शामिल हैं। बताया गया कि मनरेगा, पंचपरमेश्वर, सांसद-विधायक निधि सहित पंचातयों एवं ग्रामीण विकास की योजना के पंाच हजार से अधिक कार्य लंबित हैं। सीइओ ने ब्लाकवार पत्र जारी कर दिया है। इसकी सूचना से उपयंत्रियों में हडकंप मचा है।

रीवा, सिरमौर, त्योथर और नईगढ़ी में आठ-आठ उपयंत्रियों से जवाब तलब
---जिला पंचायत सीइओ ने मनरेगा के तहत लंबित कार्यो में अपेक्षित ग्रेडिंग पर कम अंक पाने वाले सीएफटी प्रभारियों व सहायक उपयंत्रियों को नोटिस जारी है। सीएफटी प्रभारियों में रीवा, त्योथर, नईगढ़ी, रायपाुर कर्चुलियान में आठ-आठ को नोटिस जारी है। इसी तरह मऊगंज, जवा, गंगेव में सात-सात प्रभारियों को नोटिस दी है। इसके अलावा सहायक उपयंत्रियों को मिलाकर लगभग 67 उपयंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी की है।

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Rajesh Patel Reporting
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