पीएमइजीपी में ढाई करोड़ रुपए का कर्ज देकर तीन हजार को रोजगार देने की तैयारी

प्रदेश के बाहर से आए प्रवासियों को लघु उद्योग स्थापित करने सरकार ने शुरू की कवायद

By: Rajesh Patel

Published: 24 Jun 2020, 09:38 AM IST

रीवा. प्रदेश के बाहर से लौटकर गांव आए प्रवासियों को रोजगार देने के लिए सरकार तरह-तरह की योजनाएं शुरू करने जा रही है। केन्द्र सरकार औद्योगिक क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्याम उद्योग (एमएसएमई) के बाद अब प्राइमिनिष्टर एम्प्लॉयमेंट जनरेशन स्कीम (पीएमएईजीपी) के तहत बेरोजगारों को रोजगार स्थापित कराने के लिए 25 लाख रुपए तक ऋण देने की तैयारी है। जिसमें 10 लाख रुपए अनस्किल्ड को भी देने की गाइड लाइन तैयार की गई है।

रीवा में 106 हितग्राहियों का लक्ष्य
इस योजना के तहत रीवा में प्रारंभिक तौर पर 106 हितग्रहियों को 25-25 लाख रुपए देकर छोटे-छोटे उद्योग स्थापित कराने की कवायद शुरू कर दी गई है। तीन हजार से अधिक को रोजगार की संभावना बताया गया कि इस उद्योग में उद्यमी प्रति एक लाख पर प्रति एक व्यक्ति रोजगार देना होगा। इस तरह से एक उद्यमी को कम से कम 25-25 लोगों को रोजगार देना पड़ेगा। अगर इस योजना के तहत सबकुछ हुआ तो अकेले इस योजना में तीन हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

27 जून को एमएसएमी-डे
उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आगामी 27 जून को एमएसएमी-डे मनाए जाने की तैयारी है। इस दिन उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

वर्जन....
पीएमईजीपी योजना में 25 लाख रुपए का ऋण देकर लघु उद्योग शुरू कराया जाएगा। जिले में इससे तीन हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
यूबी तिवारी, महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र

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