बेगुनाहों को जेल भेज रही 'शिवराज की पुलिस', महिला बोली-‘खूनी-कातिल नहीं है मेरा पति, खुशी में पी लिया था दारू’

बेगुनाहों को जेल भेज रही 'शिवराज की पुलिस', महिला बोली-‘खूनी-कातिल नहीं है मेरा पति, खुशी में पी लिया था दारू’
Police sending innocents to bars

Rajesh Patel | Updated: 20 Mar 2018, 12:45:13 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

मुख्यमंत्री का एक्शन: पुलिस ने शांतिभंग करने पर को किया 36 गिरफ्तार, तहसील में लगी जमानत कराने वालों की भीड़., 34 को भेजा जेल

रीवा. मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद सोमवार को पुलिस एक्शन में रही। इसका असर कलेक्ट्रेट परिसर में भी दिखाई दिया। शांतिभंग करने के मामले में पकड़े गए लोगों की जमानत कराने सैकड़ों लोग तहसील पहुंचे। कई लोगों ने दलील दी की पुलिस ने राह चलते गिरफ्तार कर लिया। तहसीलदार ने जमानत के लिए पेश किए गए ३६ प्रकरणों में से 34 को शांतिभंग के आरोप में जेल भेज दिया है।
फफक कर रो पड़ी टोकरी बिनने वाली महिला
गोविंदगढ़ सर्किल के बिहरिया गांव के मइका बसंल को पुलिस ने तहसीलदार के समक्ष पेश किया। इस दौरान मइका की पत्नी छोटकी पहुंची और फफक पड़ी। पत्नी ने कहा, साहब मेरा पति कोई खूनी-कत्ली नहीं है, नया मोबाइल खरीदने की खुशी में दारू पी लिया था। समझाने पर मामला शांत होने के बाद मैं चूल्हे पर रोटी सेक रहीं थी तभी देवर के फोन पर डायल-100 पुलिस पहुंची और मना करने के बाद भी उठा लायी।
रोज कमाते खाते हैं
हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं, रोज कमाते-खाते हैं। पति को जेल भेज देंगे तो बच्चे क्या खाएंगे। हमारा आपसी झगड़ा है, छोड़ दीजिए...। इस पर हुजूर तहसीलदार ने दो टूक कहा, विशेष अभियान चल रहा है, अभी तो जेल जाएगा, बाद में छूट जाएगा। अमिलिकी के अखिलेश पटेल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।
इस तरह हुई गिरफ्तारियां
अमिलिकी निवासी अखिलेश गोविंदगढ़ बाजार में सब्जी लेने के बाद एक दुकान से किराने का सामान लेने लगा। पड़ोसी में शराब की दुकान थी। इसी दौरान चेकिंग में पुलिस ने अखिलेश को पकड़ लिया।
-ब्योहरा निवासी दीपक सिंह बोरिंग मशीन चालक है। रविवार शाम 8 बजे ट्रांसपोर्ट नगर में मशीन की ग्रीसिंग के पुलिस ने पकड़ कर बंद कर दिया। इसी तरह की दो दर्जन लोगों ने पकडऩे की बात कही।
दो को मिली जमानत
शांतिभंग करने के मामले में पुलिस ने ३६ लोगों को पकड़ कर हुजूर तहसील में पेश किया था। इनमें से ३४ आरोपियों को जेल भेज दिया गया वहीं दो को जमानत मिल गर्ई है।
अपराधियों पर सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई
विश्वविद्यालय थाना सहित चोरहटा, सिटी कोतवली पुलिस ने अभियान के दौरान कई बदमाशों को मामूली धारा में गिरफ्तार कर पेश किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस आधा दर्जन से ऐसे अपराधियों पर शांतिभांग का केस लगाकर पहुंची थी, जिन पर ५ से १० मुकदमें चल रहे हैं। मामले में मजिस्ट्रेट ने पत्र भी लिखा है।
रसूखदारों को थाने से ही छोड़ दिया
जमानत कराने पहुंचे लोगों ने तहसीलदार से कहा, साहब गरीबों के बच्चों को पकडक़र पुलिस ने थाने में बंद कर दिया। बड़े-बड़े लोग गाडिय़ों में सडक़ पर शराब पी रहे थे, जिन्हें पकडक़र थाने तो ले गए, लेकिन छोड़ दिया गया। चोरहटा थाने की पुलिस कई लग्जरी गडिय़ों को पकड़ा था, लेकिन उन्हें छोड़ दिया। वहीं तहसील परिसर में अवकाश होने के कारण वकील नहीं आए थे। कई पक्षकारों को वकील ही नहीं मिले। अचानक जमानत कराने वालों की संख्या बढ़ी तो आधा दर्जन वकील पहुंचे और मनमाफिक फीस लिया।

 

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