प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश सरकार ने शुरू किया बदलाव, बड़े परिवर्तन के दिए गए संकेत

- बीएलसी घटक के तहत अब तक चार चरणों में मिल रहे थे ढाई लाख रुपए, अब तीन चरणों में मिलेगी राशि
- नगरीय प्रशासन विभाग का नगर निगम आयुक्त के पास आदेश

By: Mrigendra Singh

Updated: 07 Jan 2019, 12:31 PM IST

रीवा। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से पूर्व से चली आ रही योजनाओं की समीक्षा के साथ संशोधन भी शुरू हो गए हैं। केन्द्र सरकार की महत्वाकांछी प्रधानमंत्री आवास योजना पर भी राज्य सरकार ने फोकस कर उसकी समीक्षा के लिए रीवा सहित अन्य स्थानों से जानकारी तलब की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए बीएलसी घटक में भुगतान प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। इस घटक के तहत उन हितग्राहियों को ढाई लाख रुपए का भुगतान किया जाता है, जिनके पास भूखंड है और आर्थिक रूप से मकान बनाने के लिए वह सक्षम नहीं है। इसलिए सरकार द्वारा ऐसे लोगों को सहायता दी जाती है।
केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से चल रही इस योजना पर सरकार बदलने के बाद प्रदेश सरकार ने पहला संशोधन आदेश जारी किया है। बीएलसी घटक के हितग्राहियों को अब तक चार किश्तों में राशि मिल रही थी, जिसके भुगतान में भी विलंब हो रहा था। नगरीय प्रशासन विभाग का आदेश नगर निगम आयुक्त के पास पहुंचा है जिसमें कहा गया है कि भुगतान समय पर हो, इसकी व्यवस्था बनाई जाए।

तीन किश्तों में ऐसे किया जाएगा
- पहली किश्त- योजना के लिए हितग्राही का चयन करने के बाद कार्य प्रारंभ होने से पहले या फिर नींव लेवल पर ही एक लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा। जिसमें केन्द्र सरकार के ६० हजार और राज्य के ४० हजार रुपए होंगे।
द्वितीय किश्त- मकान निर्माण के दौरान लिंटल लेवल तक कार्य पहुंचने पर एक लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा। इसमें भी केन्द्र के ६० हजार और राज्य सरकार के ४० रुपए का अंशदान होगा।
तृतीय किश्त- आवास निर्माण पूरा होने पर ५० हजार रुपए का भुगतान होगा। इसमें ३० हजार केन्द्र सरकार और २० हजार राज्य की सरकार की ओर से दिया जाएगा।

योजना के दस्तावेज भोपाल हो चुकी हैं जांच
सरकार गठन के सप्ताह भर के भीतर रीवा, ग्वालियर और ङ्क्षछदवाड़ा में योजनाओं का हाल जानने टीमें भेजी गई थी। रीवा में दिसंबर महीने के आखिरी सप्ताह में भोपाल से टीम आई तो उसने केन्द्र और राज्य के सहयोग से चल रही हर योजना की पड़ताल की। जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े दस्तावेज भी टीम अपने साथ ले गई। जिसमें अफोर्डेवल हाउसिंग के साथ ही बीएलसी घटक से जुड़े हितग्राहियों को दिए गए लाभ का दस्तावेज भी अपने साथ ले गई है।

तीन सौ हितग्राहियों को नहीं मिली राशि
नगर निगम द्वारा पूर्व में करीब ११०० हितग्राहियों को बीएलसी घटक के तहत राशि जारी की गई थी। दूसरे किश्त के लिए इनकी ओर से आवेदन दिए गए थे लेकिन अब तक इनके भुगतान का मामला अटका हुआ है। कुछ दिन पहले शिकायतें भी हुई थी कि बिना सत्यापन के भुगतान किया जा रहा है। जिसके चलते निगम ने कई स्थानों पर फिर से सत्यापन कराया है। इनके भुगतान के लिए प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है, जिसमें अब तक कइयों को राशि नहीं मिली है। इसमें करीब तीन सौ से अधिक हितग्राही शामिल हैं।

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Mrigendra Singh Reporting
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