प्रधानमंत्री ने देश की सबसे बड़ी सौर परियोजना राष्ट्र को किया समर्पित, 1590 हेक्टेयर में फैला यह प्लांट

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोले पर्यावरण तथा मानव जीवन की सुरक्षा की मजबूत नींव, बनेगा, रीवा सौर परियोजना सौर ऊर्जा स्योर, सिक्योर और प्योर है, रीवा को सफेद बाघ की तरह नई पहचान दे रहा है सोलर प्लांट

By: Rajesh Patel

Published: 11 Jul 2020, 03:39 PM IST

Prime Minister dedicates Rewa solar project to the nation
rajesh patel IMAGE CREDIT: patrika

रीवा. देश की सबसे बड़ी 750 मेगावाट की रीवा अल्ट्रा मेगा सौर विद्युत परियोजना का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कान्फे्रंसिंग से लोकार्पण किया। यह प्लांट रीवा जिले के पूर्वी और दक्षिण छोर के मुख्यलय से 35 किमी दूर स्थित बदवार पहाड़ पर स्थापित किया गया है। लगभग 1590 हेक्टेयर में प्लांट फैला हुआ है। एसिया का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा पावर प्लांट है। समारोह में वीडियो कान्फे्रंसिंग के माध्यम से लखनऊ से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, भोपाल से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा दिल्ली से कई केन्द्रीय मंत्री शामिल हुए।

रीवा सौर प्लांट में 750 मेगावाट ग्रीन बिजली मिल रही
सोलर परियोजना का लोकापर्ण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पर्यावरण तथा जीवन की सुरक्षा के लिए रीवा सौर परियोजना मजबूत नींव साबित होगी। इस परियोजना से 750 मेगावाट ग्रीन बिजली मिल रही है। इससे हर वर्ष 15.7 लाख टन कार्बन डाई आक्साइड उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा। यह दो करोड़ 60 लाख पेड़ लगाने के बराबर है। रीवा सौर परियोजना आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश तथा आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

सोलर परियोजना ने रीवा को दी नई पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि रीवा की पहचान सफेद बाघ तथा माँ नर्मदा के नाम पर थी। सोलर परियोजना ने रीवा को नई पहचान दी है। सोलर परियोजना इस शताब्दी की ऊर्जा जरूरत पूरी करने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आज का दिन रीवा के लिए ऐतिहासिक और गौरव का क्षण है। रीवा सौर परियोजना ने सस्ती और ग्रीन बिजली का उपहार देश को दिया है। इस परियोजना से स्योरए सिक्योर और प्योर ऊर्जा मिलेगी। सूर्य भगवान की कृपा जब तक है तब तक इससे ऊर्जा मिलना स्योर है तथा सिक्योर है। इससे पर्यावरण को कोई क्षति नहीं पहुंच रही है जिससे यह प्योर ऊर्जा है।

600 अरब यूनिट बिजली की हर साल बचत
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के अन्य स्त्रोत समाप्त हो सकते हैं, पर सूर्य हमेशा रहेगा इसलिए सौर परियोजना आत्मनिर्भरता का बहुत बड़ा प्रतीक है। जब पूरी दुनिया पर्यावरण सुरक्षा और उद्योगों के विकास के द्वंद में फंसी हुई थी तब भारत ने सौर परियोजना जैसा सफल प्रयोग करके ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया को नई राह दिखाई है। इससे आम आदमी के जीवन को बेहतर करने में भी मदद मिलेगी। छोटे कदम भी बड़ी सफलता साबित होते हैं। देश में छ: साल पहले एलईडी बल्ब लगाने के निर्णय के बाद 36 करोड़ एलईडी बल्ब अब तक लगाए जा चुके हैं। इनसे 600 अरब यूनिट बिजली की हर साल बचत हो रही है।

Prime Minister dedicates Rewa solar project to the nation
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