निजीकरण से पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएगी देश की आर्थिक बागडोर

अनुसाूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन



By: Rajesh Patel

Published: 25 Sep 2020, 09:28 AM IST

रीवा. अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने निजीकरण के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री को संबोधित जिला प्रशासन को सौंपा है। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण की व्यवस्था से देश की आर्थिक बागडोर निजी हाथों में चली जाएगी। निजीकरण से एससी-एसटी, अन्य पिछड़ा वर्ग में विकास से दूर हो जाएंगे। निजीकरण के बढ़ावा से गरीब परिवार और आम जनता का शोषण होगा।

प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन
भीम आर्मी भारत एवं मिशन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर कहा है कि समाचार पत्रों, टीवी चैनलों में हर रोज खबरें आ रही है कि रेवले, एयरपोर्ट, पेट्रोलियम कंपनी समेत भारत की अन्य नवरत्न कंपनियां, बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव को वापास लिया जाए। निजीकरण से एससी-एसटी, अन्य पिछड़ा वर्ग में विकास से दूर हो जाएंगे। निजीकरण के बढ़ावा से गरीब परिवार और आम जनता का शोषण होगा। ज्ञापन के दौरान रामबाई साकेत, सीएस धुर्वे सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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Rajesh Patel Reporting
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