शहर के मॉडल मार्ग पर 13 साल से हिचकोले खा रही जनता, सदस्यों ने खनिज मंत्री पर फोड़ा ठीकरा

जिपं समान्य प्रशासन समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी, पीएचई, एकेवीएन, जिला उद्योग विभाग सहित कई अन्य योजनाओं का उठा मुद्दा

By: Rajesh Patel

Published: 28 May 2018, 12:33 PM IST

रीवा. जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति की बैठक शहर की मॉडल मार्ग पर 156 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च के बाद भी 13 साल से हिचकोले खा रही जनता के मुद्दे पर सदस्यों ने जिम्मेदारों को घेरा और कहा कि इस तरह का विकास जनता के लिए बेमानी है। बैठक अध्यक्ष अभय मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई। दस एजेंडों के साथ ही पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। इस दौरान पीडब्ल्यूडी, पीएचई, एकेवीएन, जिला व्यापार केन्द्र की ओर से जारी की गई अनुदान राशि पर विस्तृत चर्चा की गई। कई मामलों में संभागायुक्त सहित पीएस स्तर पर जांच का प्रस्ताव लाया गया है।
रतहरा-चोरहटा तक 156 करोड़ की सडक़ का कराया निर्माण
जिपं सीईओ मयंक अग्रवाल ने शासन की नई गाइड लाइन पर चर्चा की। इसके बाद पीडब्यूडी के पालन प्रतिवेदन की चर्चा के दौरान अध्यक्ष अभय मिश्र ने कहा कि रतहरा से चोरहटा तक 156 करोड़ रुपए की सडक़ का निर्माण कराया गया। दो गुना अधिक रेट पर निर्माण कराने के बाद भी 13 साल से जनता हिचकोले खा रही है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सडक़ को दोबारा खोद कर बनवाने के लिए 90 करोड़ रुपए का टेंडर बुलाया है।
सदस्यों ने टेंडर निरस्त कराने उठाई मांग
सदस्यों ने टेंडर निरस्त कर सडक़ ठीक कराने की मांग उठाई। इस दौरान अध्यक्ष ने शहर की सडक़ सहित जिले की आधा दर्जन सडक़ों की पीएस स्तर पर जांच कराने का प्रस्ताव लाया है। जिपं उपाध्यक्ष विभा पटेल ने पेयजल संकट का ममला उठाया। पेयजल संकट को लेकर पीएचई के अधिकारियों की सदस्यों ने जमकर खिंचाई की। बैठक में सदस्य राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, जोखूलाल कोल, अंजू यादव, शिवकली नट, लल्लू प्रसाद कुशवाहा, प्रमोद कुशवाह सहित अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे।
कौडिय़ों के दाम बेच दी बेसकीमती भूमि
सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में एकेवीएन कार्यालय की मनमानी का मुद्दा उठा, अध्यक्ष ने सवाल उठाए कि एकेवीएन ने बेसकीमती भूमि को चहेते कारोबारियों को कौडिय़ों के दाम पर बेच दिया है। जवाब में अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के बाद शासन की गाइड लाइन के तहत उद्यमियों को भूमि लीज पर दी गई है। इसी तरह जिला व्यापार एवं केन्द्र की ओर से रेवड़ी की तरह अनुदान बांटे जाने का मामला उठा।
मंत्री के क्षेत्र में जारी कर दी जानभागीदार की राशि
बैठक के दौरान मुद्दा उठाया गया कि जिले में जनभागीदारी के तहत जुटाई गई राशि की खपत सबसे ज्यादा उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के क्षेत्र में की गई। अध्यक्ष ने कहा कि जनभागीदार की राशि जिले के सभी क्षेत्र में बराबर खर्च होनी चाहिए। करोड़ों रुपए मंत्री के इशारे पर अधिकारियों ने राशि जारी कर दिया, अन्य क्षेत्र में ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर राशि भेजी गई।
खनिज मंत्री की नाक के नीचे चल रहा कारोबार
सामान्य सभा की बैठक में खनिज विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे थे, इस दौरान जिपं अध्यक्ष ने कहा कि खनिज मंत्री के जिले में खनन का अवैध कारोबारी धड़ल्ले से चल रहा है। अध्यक्ष ने लोढ़ी, हाटा सहित सीमावर्ती क्षेत्र में यूपी खनन माफियों को खुली छूट का भी आरोप लगाए। इस दौरान खनन प्रभावित क्षेत्र की जांच कराने का भी प्रस्ताव लाया गया है।

 

Congress
Rajesh Patel Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned