प्रशासन भी असमंजस में: लॉकडाउन बढऩे से शेल्टर होम में क्वारंटाइन लोग फंसे

सीधी, सिंगरौली, शहडोल, सतना, प्रयागराज और मिर्जापुर जाने वाले फंसे

By: Anil singh kushwah

Updated: 18 Apr 2020, 10:04 PM IST

रीवा. जिले के बाहर से आए उन लोगों के लिए एक और समस्या उत्पन्न हो गई है, जो अलग-अलग स्थानों के शेल्टर होम में क्वारंटाइन किए गए हैं। इसमें कई ऐसे हैं जिन्हें रीवा के बाहर जाना है। टोटल लॉकडाउन के कारण जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं और वाहनों की आवाजाही भी बंद है। इस वजह से आगामी आदेश तक इन्हीं शेल्टर होम में ही लोग रहेंगे। जिले की सीमा में बाहर से प्रवेश करने वाले लोगों को सीधी, सिंगरौली, शहडोल, सतना, प्रयागराज, मिर्जापुर सहित अन्य जगहों में जाना है। उत्तर प्रदेश की सीमा से आए लोगों को उसी बार्डर एरिया में रखा गया है। सतना की ओर से आए लोगों को शहर में रखा गया है। वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण प्रशासन भी असमंजस में है, कोई निर्णय इन पर नहीं हो सका है।

14 दिन के लिए रखा था
शेल्टर होम में क्वारंटाइन लोगों को पहले १४ दिन तक के लिए ही रखा गया था। बाद में कहा गया कि 14 अप्रेल को लॉकडाउन पूरा होगा और वाहन चलना प्रारंभ होंगे तब ये जा सकेंगे। लॉकडाउन समाप्त होने की बजाय तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस कारण अब सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार ही इन्हें छोडऩे का काम होगा। कई लोग तो नागपुर, नासिक, सूरत, हैदराबाद, दिल्ली जैसे शहरों से आकर रीवा में फंसे हैं। पड़ोस के जिले सीधी में इन्हें अपने गांव जाना है लेकिन प्रशासन छोड़ नहीं रहा है।

कुछ पैदल ही घर जाना चाह रहे
दूसरे शहरों से आकर रीवा में फंसे कई युवकों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि वाहन नहीं चलता तो उन्हें पैदल ही घर जाने की अनुमति दें, हालांकि प्रशासन ने इनकी मांगों को अस्वीकार कर दिया है और कहा है कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार छोडऩे की कार्यवाही होगी। इधर, त्योंथर एसडीएम एमपी बरार ने कहा किलॉकडाउन समाप्त होते ही क्वारंटाइन लोगों को छोडऩा था, इसी बीच तीन मई तक अवधि बढ़ा दी गई है। वाहन नहीं चल रहे हैं, इसलिए शासन का जो भी निर्देश आएगा उसके अनुसार कार्यवाही करेंगे।

Anil singh kushwah Desk
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