आंगनबाड़ी केंदों पर पराठा-मिक्सवेज, दाल की जगह परोस रहे पानीदार सब्जी के साथ जली और कच्ची रोटियां

आंगनबाड़ी केंदों पर पराठा-मिक्सवेज, दाल की जगह परोस रहे पानीदार सब्जी के साथ जली और कच्ची रोटियां

Rajesh Patel | Publish: Aug, 12 2018 01:14:55 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

शहर के वार्ड-17 में आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत 40 बच्चों की जगह सिर्फ 12 बच्चे खा रहे मध्याह्न भोजन

रीवा. अफसरों की नाक के नीचे आंगनबाड़ी केंद्र पर मेन्यू की अनदेखी के चलते मासूमों के लिए मध्याह्न भोजन की व्यवस्था बेमानी है। शहर में कई आंगनबाड़ी केंद्र के ताले ही नहीं खुल रहे हैं। शनिवार को पत्रिका के कैमरे में कैद हुई तस्वीरें खुद ब खुद केंद्रों की हकीकत बयां कर रही हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि जुलाई और अगस्त माह में ज्यादातर बच्चे स्कूलों में पढऩे के लिए चले जाते हैं।

पंजीकृत चालीस बच्चे, खाना परोस रहे 12 बच्चों को

शहर के वार्ड-17 में बड़ी ईदगाह के सामने स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर मेन्यू को दरकिनार कर मध्याह्न भोजन दिया गया। दोपहर 1.20 बजे बच्चों की थाली में जली रोटियां और पानीदार आलू की सब्जी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गायत्री विश्वकर्मा ने बताया कि केंद्र पर 40 बच्चे पंजीकृत हैं। जुलाई और अगस्त माह में बच्चों की संख्या आधे से भी कम हो गई है। ज्यादातर बच्चे स्कूल में पढऩे के लिए जा रहे हैं। कार्यकर्ता ने बताया कि शनिवार को पराठा, मिक्सवेज दाल और ग्रीन सब्जी का मेन्यू है। जबकि सेंट्रल किचेन से रोटी, आलू और दल आयी थी।

36 बच्चों का भोजन किसको खिलाया जा रहा

अभिभावक किशोरीलाल ने सवाल उठाए कि जब केंद्र पर १२ बच्चे खा रहे हैं, तो शेष 36 बच्चों का भोजन किसको खिलाया जा रहा है। केंद्र पर चार घंटे बाद परोसा जा रहा भोजन शहर के 34 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुबह 9 बजे भोजन पहुंचने के चार घंटे बाद मध्याह्न भोजन वितरण किया जा रहा है। शनिवार दोपहर वार्ड-17 में स्थित केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि सेंट्रल किचेन से मध्याह्न भोजन सुबह 9.30 बजे आ जाता है, करीब डेढ़ बजे बच्चों को दिया गया। पड़ोस में रहने वाले अभिभावक तस्लीमा बानो ने बताया कि दोपहर में भोजन महकने लगता है। बच्चों को नास्ता नहीं दिया जा रहा है। नास्ते के नाम पर जली-जली सलोनी दी जा रही है। वह भी कई दिन पहले भेजी गई है।

आंगनबाड़ी केंद्र के दरवाजे पर ईंट का ढेर, लटक रहा ताला

शहर के वार्ड-7 और वार्ड-9 में आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला लटक रहा था। अभिभावकों ने बताया कि पिछले कई दिनों से कार्यकर्ता नहीं आ रहे हैं। सहायिका भी गायब हैं। परेशान करने वाली बात तो यह कि वार्ड-9 में स्थित आंगनबाड़ी के मुख्य गेट पर ईंट की छल्लियां लगी हुई हंै। दोनों वार्डों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की तस्वीरें खुद ब खुद बता रहीं हैं, ये केंद्र कभी खुलते भी हैं या नहीं।

अगस्त में दस दिन तक नहीं दिया गया दूध

अगस्त माह में शहर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर दस दिन तक दूध की आपूर्ति नहीं की गई। 11 अगस्त को दूध का पैकेट पहुंचाया गया। केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने दूध पैकेट को दिखाते हुए बताया कि दूध आ गया है, नास्ते में सलोनी दी जाती है। इसी तरह कई अन्य केंद्रों पर दूध के पैकेट नहीं पहुंचे।

जवाब मांगते सवाल

० मेन्यू की अनदेखी पर क्या कर रहे जिम्मेदार?

० केंद्र पर बच्चे नहीं तो किसे खिलाया जा रहा भोजन ?

० केंद्र पर जली और कच्ची रोटियां की जांच क्यों नहीं?

० बंद केंद्रों का कौन खा रहा मध्यान्ह भोजन?

अभिभावक बोले...

आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे नहीं आ रहे हैं, दोपहर के बाद कुछ बच्चे दिखाई देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इनके हिस्से का भोजन कहां जा रहा है।

विमलेश द्विवेदी, नारेन्द्र नगर

जुलाई में स्कूल खुल गए हैं। मोहल्ले के बच्चे स्कूल जाने लगे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की संख्या न के बराबर है।

अभिशेष सिंह, नारेन्द्र नगर -

सरकार के द्वारा जो मेन्यू तय किया गया है, बच्चों को उसी आधार पर भोजन दिया जाना चाहिए, मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

सुमन ङ्क्षसह, नारेन्द्र नगर

महिला बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी है कि आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता परखे और मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन दिलाए। कार्यकर्ताओं की सूचना पर विभागीय अधिकारियों से बात की जाएगी। अजय मिश्र, पार्षद वार्ड-17 एवं नगर निगम नेता प्रतिपक्ष

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned