आचार संहिता लगने से पहले राजनीतिक दलों के पोस्टर हटाने के निर्देश

आचार संहिता लगने से पहले राजनीतिक दलों के पोस्टर हटाने के निर्देश

Balmukund Dwivedi | Publish: Sep, 10 2018 06:09:27 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

कलेक्टर के निर्देश के बाद सार्वजनिक संपत्ति से प्रचार सामग्री हटाने की नगर निगम ने शुरू की कार्रवाई

रीवा. विधानसभा चुनाव की तिथियां घोषित होने से पहले ही इस बार सरकारी भवनों और अन्य संपत्तियों पर राजनीतिक दलों एवं नेताओं के प्रचार-प्रसार पर रोक लगा दी है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसके लिए कई विभागों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि सार्वजनिक संपत्ति विरूपण की रोकथाम के लिए मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम १९९४ प्रभावशील हो गया है। सार्वजनिक संपत्तियों में सड़क, भवन, पुल-पुलिया, पोल, रेल एवं रेलवे स्टेशन, यात्री प्रतीक्षालय आदि में लगाए गए स्लोगन, होर्डिंग्स, बोर्ड, फ्लैक्स आदि को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही कार्यालय प्रमुख यह भी तय करेंगे कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी तरह की प्रचार सामग्री नहीं लगाने देंगे।

सप्ताहभर के भीतर देनी होगी रिपोर्ट
कलेक्टर ने कार्यालय प्रमुखों को भेजे गए पत्र में कहा हैकि कार्रवाई प्रारंभ करने की जानकारी दो दिन के भीतर संपत्ति विरूपण विधानसभा निर्वाचन की नोडल अधिकारी इला तिवारी के पास देनी होगी। साथ ही हर सप्ताह यह भी बताना होगा कि उनके कार्यालय में अब किसी भी तरह की प्रचार सामग्री नहीं लगी है।

इन्हें दिया गया निर्देश
संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने जिला पंचायत के सीइओ, नगर निगम आयुक्त, स्टेशन मास्टर रेलवे स्टेशन, महाप्रबंधक बीएसएनएल, पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी, विद्युत वितरण कंपनी, प्रधानमंत्री सड़क परियोजना, आरइएस, जनपदों एवं नगर परिषदों को निर्देशित किया गया है कि वह अपनी संपत्तियों से प्रचार सामग्री हटाने की कार्रवाईकरें।

नगर निगम ने शुरू की कार्रवाई
कलेक्टर का निर्देश मिलने के बाद नगर निगम ने इस पर कार्रवाईप्रारंभ कर दी है। रविवार को शहर के कईहिस्सों में बिजली खंभों से पोस्टर हटाए गए। यह कार्रवाई एक दिन पहले से प्रारंभ की गईहै। अस्पताल चौराहे के पास कार्रवाई के दौरान कुछदुकानदारों के भी फ्लैक्स बिजली खंभों में लगाए गए थे। उन्हें हटाने की कार्रवाईके दौरान लोगों ने विरोध भी किया लेकिन कलेक्टर का निर्देश होने की जानकारी दिए जाने के बाद मामला शांत हो गया।

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