रीवा. तीन लाख की आबादी वाले शहर में पैदल चलने वालों के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। परिणाम स्वरुप शहर की सड़कों पर पैदल चलने वाले धक्के खाते चल रहे शहर सरकार व जनप्रतिनिधियों ने भी जताई चिंता । हैरान करने वाली बात यह है कि इस ओर शहर सरकार के प्रतिनिधियों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। लेकिन अब सड़क में लगातार वाहनों के बढ़ते दबाव से आम आदमी का सड़क में चलना असुरक्षित हो गया है। ऐसे में अब सुरक्षित यातायात के लिए पाथ-वे के निर्माण की मांग उठ रही है। इससे जहां पैदल चलने वालों सुरक्षित रहेंगे वहीं जाम व अतिक्रमण की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी।परिवहन विभाग के आकड़े बताते है कि पिछले पांच सालों ५ लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हुए हैं और प्रतिवर्ष एक लाख तक वाहन नए पंजीकृत हो रहे हैं। ऐसे में शहर की सड़कों में वाहनों का दबाव बढ़ गया है।

जिससे शहर में पैदल चलने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इतना ही नहीं शैक्षणिक संस्थानों में पैदल जाने वाले बच्चे भी असुरक्षित हैं। इसलिए शहर की सड़कों पर पाथ-वे बने तो बात बने।शहर के १० मार्गों पर ही प्रमुख शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल एवं मुख्य बाजार है। इन सड़कों में पाथ- वे का निर्माण होने के बाद लोगों को आवागमन में सुगमता तो होगी। वहीं इन मार्गों से अतिक्रमण की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिल सकेगी। अभी इन मार्गों में नगर निगम व यातायात पुलिस को अतिक्रमण हटाने में पसीने छूट जाते हैं। इसके बाद पुन: व्यापारी अतिक्रमण कर लेते हैं। इसके अलावा दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

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