टेक्यूप प्रोजेक्ट से हल हुई इंजीनियरिंग कॉलेज की समस्या

पूरी हुई शैक्षणिक स्टॉफ की कमी, एक साथ मिले 15 प्राध्यापक, तीन वर्ष तक देंगे कॉलेज में सेवा, आज से चलने लगेंगी कक्षाएं

 

By: Ajeet shukla

Published: 15 Jan 2018, 07:08 PM IST

रीवा. दूसरे बहाने ही सही शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की उस समस्या का समाधान मिल गया है, जो कॉलेज में लंबे समय से बनी हुई है। बात शैक्षणिक स्टॉफ के कमी की कर रहे हैं। कॉलेज को एक दो नहीं बल्कि पूरे 15 का स्टॉफ एक साथ मिल गया है।

15 शैक्षणिक स्टॉफ उपलब्ध कराया गया
शासन के टेक्यूप प्रोजेक्ट के तहत कॉलेज को 15 शैक्षणिक स्टॉफ उपलब्ध कराया गया है। यह स्टॉफ अगले तीन वर्षों तक अपनी सेवा देगा। प्रोजेक्ट के तहत स्टॉफ सहायक प्राध्यापक के रूप में नियुक्त किए गए हैं। कॉलेज प्राचार्य डॉ. बीके अग्रवाल के मुताबिक यह सभी सहायक प्राध्यापक द्वितीय सेमेस्टर के विभिन्न ब्रांचों की कक्षाएं लेंगे। कॉलेज को पूरे 15 का स्टॉफ एक साथ मिल गया है।

अगले तीन वर्षों तक छात्रों को प्राध्यापकों की कमी नहीं खलेगी
कॉलेज पिछले कई वर्षों से प्राध्यापकों की कमी का दंश झेल रहा है। लेकिन नया वर्ष कॉलेज व छात्रों के लिए शुभ लेकर आया है। शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में एक दर्जन प्राध्यापकों की नियुक्ति होने के बावजूद जरूरत बनी हुई थी। जब पूरी हो गई है। अगले तीन वर्षों तक छात्रों को प्राध्यापकों की कमी नहीं खलेगी।

आज से शुरू हो जाएंगी कक्षाएं
दूसरे सेमेस्टर के समन्वयक डॉ. संदीप पांडेय के मुताबिक सभी सहायक प्राध्यापक 15 जनवरी से क्लास लेने लगेंगे। छात्र-छात्राओं की इसकी जानकारी दे दी गई है। प्रोजेक्ट के तहत छात्रों की इनकी कक्षा में उपस्थिति शत-प्रतिशत होनी चाहिए। विशेष स्थिति में छात्रों को कक्षा में उपस्थित नहीं होने की अग्रिम जानकारी प्राचार्य या समन्वयक को देना होगा।

प्रायोगिक कक्षाओं का भी होगा संचालन
कॉलेज में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति होने के बाद वरिष्ठ प्राध्यापक छात्रों के प्रायोगिक कक्षाओं पर ध्यान केन्द्रित कर सकेंगे। अभी तक थ्योरी की कक्षाएं और प्रशासनिक दायित्वों की व्यस्तता के चलते प्रायोगिक कक्षाओं में महज खानापूर्ति होती रही है। पूर्व में छात्रों ने इस मुद्दे को उठाया भी है।

Ajeet shukla Reporting
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