दस दिन में फूटी क्योटी नहर , जानिए फिर क्या हुआ

नहरों में पानी छोडऩे के 10 दिन बाद शनिवार को क्योंटी कैनाल फूट गई है। गंगेव अंतर्गत ग्राम रउरा उन्मूलन में सुबह 9 बजे अचानक नहर फूटने से आसपास खेतों में पानी से भरने से वे तालाब में तब्दील हो गए है। जिसके चलते सैकड़ों एकड़ की फसल बर्बाद होने की जानकारी मिली है।

By: Lokmani shukla

Updated: 08 Dec 2019, 02:19 PM IST

रीवा। नहरों में पानी छोडऩे के 10 दिन बाद शनिवार को क्योंटी कैनाल फूट गई है। गंगेव अंतर्गत ग्राम रउरा उन्मूलन में सुबह 9 बजे अचानक नहर फूटने से आसपास खेतों में पानी से भरने से वे तालाब में तब्दील हो गए है। जिसके चलते सैकड़ों एकड़ की फसल बर्बाद होने की जानकारी मिली है। कैनाल में पानी बंद कर दिया गया है लेकिन नहर में पानी अभी बह रहा है। मेंटीनेंस के बाद दस दिन के अंदर ही नहर फूटने से विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर किसानों में भारी गुस्सा है। नहर फूटने से कुछ दिन पहले ही इन खेतों की बोनी होने से फसल भी खराब हो गई। वहीं जो खेत बोनी के लिए तैयार थे उनकी बोनी भी पिछड़ गई।

इस बार मानसून देर तक सक्रिय होने के कारण २२ दिसंबर के बाद रबी सीजन में पलेवा के लिए नहरों में पानी छोडा़ गया है। इसके पहले जल संसाधन विभाग को नहरों की मेंटीनेंस करने का निर्देश दिया गया था। नहरों के मेंटीनेंस व साफ-सफाई में राशि खर्च भी गई। इसके बाद भी रउरा उन्मूलन के पास नहर फूट गई है। हैरान करने वाली बात है कि यह मुख्य कैनाल पूरी तरह कांक्रीट है। जिससे इस क्रांक्रीट नहर के फूटने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे है। रौरा उन्मूलन में सुबह जैसे ही नहर फूटी गांव में हड़कंप मच गया। खेतों में पानी भर गया। इसकी सूचना के बाद जलसंसाधन विभाग ने पानी बंद कर दिया है, लेकिन लंबी नहर के होने से पानी अभी भी गांव में आ रहा है।

किसानों ने की थी शिकायत-
बताया जा रहा है कि किसानों ने नहर में मेटीनेंस के दौरान फूटने वाले संभावित स्थानों की सूचना विभाग के अधिकारियों को दी थी। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों ने यहां पक्का मेंटीनेंस की जगह सिर्फ मिट्टी पाट कर चले गए। परिणाम स्वरुप पानी के दबाव से मिट्टी बह गई और नहर फूट गई है। इससे किसानों की बोई फसल बर्बाद हो गई है।

गत वर्ष भी फूट चुकी है नहर-
रौरा उन्मूलन के निवासी रामजियावन पटेल बताते हैं कि पिछले साल भी नहर रउरा उन्मूलन में फूट गई थी। इसके बाद फिर इसी गांव में नहर फूूट गई है। नहर फूटने से खेतों में पानी भर गया है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है। वहीं विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं दिखता।

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