कमिश्नरी बना अखाड़ा : व्यापारी और कर्मचारी आमने-सामने, दोनों ओर से आंदोलन की चेतावनी

- निगम कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच रेवांचल बस स्टैंड में हुई मारपीट के बाद विवाद और बढ़ा
- निगम कर्मचारियों ने भी बैठक कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की उठाई मांग

रीवा। नगर निगम के कर्मचारियों और शहर के व्यापारियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। रेवांचल बस स्टैंड में गत दिवस हुए मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने लगातार दूसरे दिन सड़क पर प्रदर्शन किया। दोनों पक्षों की ओर से कमिश्नरी पहुंचकर ज्ञापन दिए गए और कार्रवाई की मांग उठाई गई है। इस मांग के साथ चेतावनी भी दी गई है कि मांगों की अनदेखी हुई तो वह हड़ताल पर जाएंगे। संभागायुक्त डॉ. अशोक भार्गव इनदिनों नगर निगम के प्रशासक भी हैं, इसलिए उनके पास दोनों पक्षों की शिकायतें आई हैं। उन्होंने मामले की जानकारी लेकर उचित कदम उठाने का आश्वासन दोनों पक्षों को दिया है। एक ओर शहर में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर दहशत है, एक साथ अधिक संख्या में लोगों के जुटने पर मनाही है। वहीं दूसरी ओर व्यापारियों एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में रैली निकालकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि इस दौरान कुछ लोगों ने चेहरे पर मास्क भी लगा रखा था। व्यापारियों ने रेवांचल बस स्टैंड में अपनी दुकानें लगातार दूसरे दिन बंद रखकर विरोध जताया। कहा गया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन चलता रहेगा।
- व्यापारियों ने 48 घंटे का दिया अल्टिमेटम, बंद करेंगे शहर
व्यापारियों के समूह ने रेवांचल बस स्टैंड से लेकर कमिश्नरी तक रैली निकाली और नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारियों के विरुद्ध नारेबाजी की। इस दौरान संभागायुक्त को ज्ञापन देकर मांग उठाई गई है कि जिन कर्मचारियों की ओर से व्यापारियों की सामग्री नष्ट की गई है और मारपीट की गई है उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। कहा गया है कि यदि ४८ घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होगी तो रीवा बंद व्यापारियों की ओर से किया जाएगा। इस दौरान करीब दर्जन भर की संख्या में अधिकारी, कर्मचारियों का नाम भी व्यापारियों ने सौंपा है और मांग उठाई है कि इनके विरुद्ध तत्काल एफआइआर दर्ज कराई जाए और गिरफ्तारी हो। मांग है कि सीसीटीवी फुटेज एवं वीडियो क्लीपिंग की जांच की जाए, व्यापारियों की नुकसानी पर ५०-५० हजार रुपए का मुआवजा दिया जाए। साथ ही सभी व्यापारियों को पांच फिट दुकान के बाहर शेड लगाने की अनुमति दी जाए। इस दौरान सुभाष श्रीवास्तव, पूर्व महापौर वीरेन्द्र गुप्ता, जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह, व्यापारी नेता मनीष गुप्ता, केके गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, सुनील अग्रवाल, दशरथ कछवाहा, प्रदीप अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, वंशीलाल साहू, कन्हैयालाल, कैलाश अग्रवाल, दिनेश सेन, गणेश अग्रवाल, गुल्लन गुप्ता, निक्की मोदनवाल, सुरेश विश्नोई, गौतम इसरानी, रमाकांत पुरवार सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
- कर्मचारियों ने दुकानों का आवंटन निरस्त करने की मांग उठाई
दोपहर व्यापारियों ने बड़ी संख्या में कमिश्नरी पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया तो इसके कुछ घंटे के बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने भी निगम कार्यालय से लेकर कमिश्नरी तक रैली निकाली और संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि बीते १८ मार्च को सुबह नगर निगम के अमले पर रेवांचल बस स्टैंड के व्यापारियों ने राड, लाठी से हमला किया, साथ ही पत्थरबाजी कर करीब दर्जन भर की संख्या में निगम के कर्मचारियों को जख्मी कर दिया। इस दौरान निगम के जेसीबी सहित कई वाहनों में भी तोडफ़ोड़ की गई। साथ ही अब स्वयं को बचाने के लिए रैली निकालकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए ऐसे व्यापारियों को चिन्हित कर निगम द्वारा आवंटित दुकानों को निरस्त किया जाए। इस दौरान निगम के कर्मचारियों की टीम में प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी भगीरथ गौर, धीरज बाल्मीक, तेजू, सुरेन्द्र, लाला, प्रेमकुमार, मेवालाल, अमर बंसल, अरविंद बाल्मीक, धर्मेन्द्र, दीपक, हरीश सहित कई अन्य मौजूद रहे। इसमें सफाई कर्मचारियों की संख्या रही।

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Mrigendra Singh Reporting
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