रीवा. शहर की जीवनदायनी-प्राणदायनी नदी बिछिया के प्रवाह को अविरल बनाने रविवार को बाराती भी भगीरथ बने। बिछिया पुल के पास पक्के घाट पर पत्रिका अमृतम जलम अभियान के अंतर्गत बिछिया को बचाने सामाजिक संगठन, समाजसेवियों, शिक्षाविद के साथ युवा नदी में कूदकर जलकुंभी निकालने में जुटे रहे।

पत्रिका अमृतम जलम अभियान 'आओ भगीरथ बने, स्लोगन के तहत शहर के लक्ष्मणबाग और किला के बीच स्थित बिछिया पुल के पड़ोस में नदी की सफाई की गई। इस रविवार को सुबह ६ बजे जैसे ही नदी सफाई चालू हुई कि, घाट पर स्नान करने पहुंचे दर्जनों की संख्या में बाराती भी नदी को बचाने के लिए श्रमदान शुरू कर दिया। कइ बारातियों ने तो सामाजिक संगठन के सदस्यों के साथ नदी में कूद कर जलकुंभी भी निकाली। हर बार की तरह इस बार भी करीब दो घंटे तक श्रमदान कर करीब एक ट्राली जलकुंभी नदी से निकाली गई। इस दौरान श्रमदान करने वालों का उत्साह देखते बन रहा था। पक्के घाट के आस-पास के लोग सुबह स्नान के लिए पहुंचे तो अभियान की सराहना की और उन्होंने नदी में कचरा नहीं करने का संकल्प लिया।

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