असंगठित कर्मकारों कर्मकारों के लिए यह योजना लेकर आई सरकार, जानिए क्या मिलेगा लाभ


नगरीय निकायों को सामग्री वितरण कराने का आया निर्देश, दस संवर्ग में श्रमिकों को बांटा, उपकरण के ऋण भी वितरित होगा

By: Mrigendra Singh

Published: 24 May 2018, 01:03 AM IST


रीवा. राज्य सरकार ने असंगठित कर्मकारों के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना की शुरुआत की है। इसके तहत सुविधाएं देने की व्यवस्था की गई है। इसमें नगरीय निकायों के क्षेत्र में आने वाले श्रमिकों पर अधिक फोकस किया गया है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर निगम के आयुक्त और सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को पत्र लिखकर सहायता उपलब्ध कराने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

तीन श्रेणियों में योजना को बांटा गया
मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें पंजीकृत हितग्राही किसी भी श्रेणी का लाभ ले सकेगा।

1- अंत्येष्टि सहायता-

पंजीकृत कर्मकार की मृत्यु के बाद उसका उत्तराधिकारी अंत्येष्टि के लिए पांच हजार रुपए की सहायता प्राप्त तुरंत प्राप्त करने का अधिकारी होगा। पति की मौत के बाद पत्नी पहली हकदार होगी। तत्काल लाभ पहुंचाने के लिए नगरीय निकाय या ग्राम पंचायत नोडल बैंक से अग्रिम राशि निकाल कर अपने पास रख सकेगा।

2- अनुग्रह राशि का भुगतान-

कर्मकार के अपंग होने की स्थिति में यह राशि उपलब्ध कराई जाएगी। घटना के दिन यदि कर्मकार पंजीकृत नहीं है तो निकायों को अधिकार दिया गया है कि वह जांच करने के बाद पंजीयन करा सकते हैं। इसके तहत आंशिक अपंगता पर एक लाख, स्थायी अपंगता पर दो लाख, सामान्य मौत पर दो लाख एवं दुर्घटना में मौत पर चार लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। आत्महत्या करने या फिर कर्मकार के ६० वर्ष से अधिक की आयु पर यह राशि नहीं दी जाएगी।

3- उपकरण अनुदान योजना-

इसके तहत दस संवर्ग में लाभ दिया जाएगा। जिसमें सिलाई श्रमिक, सफाई कर्मकार, पुरुष-महिला हम्माल, घरेलू कामगार, फुटकर सब्जी-फल, फूल विक्रेता, पत्थर तोडऩे वाले श्रमिक, प्राइवेट सुरक्षा सेवा में नियोजित श्रमिक, कारीगर, रैगपिकर्स आदि को इनके उपयोग में आने वाले उपकरण के लिए वितरित ऋण का दस प्रतिशत या फिर पांच हजार रुपए में जो कम होगा वही अनुदान के रूप में दिया जाएगा।


संबल योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत कर्मकारों का लाभ दिया जाएगा। निगम के सभी जोन के अधिकारियों से कहा गया है कि वह इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम

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Mrigendra Singh Reporting
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