रीवा के स्कीम नंबर-6 में वह अफसर भी कार्रवाई की जद में आए, जिनके इशारे पर चलता था प्रशासन

रीवा के स्कीम नंबर-6 में वह अफसर भी कार्रवाई की जद में आए, जिनके इशारे पर चलता था प्रशासन
In Rewa's scheme no 6, the officer also came under the action

Mrigendra Singh | Updated: 26 Jul 2019, 09:38:59 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India


अवैध निर्माण को प्रोत्साहित करने सुविधाएं देते रहे अफसर, तीन को नोटिस
- स्कीम नंबर छह में व्यापक पैमाने पर मिली मनमानी, पुरानी फाइलें खंगाली जा रही


रीवा। शहर के बरा-समान में नगर सुधार न्यास बोर्ड द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि पर नगर निगम के अधिकारियों ने निजी व्यक्तियों को मकान बनाने की अनुमति दे दी। इसकी फाइलें खुलने के बाद नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। अब पता चला है कि अधिकारियों को यह जानकारी होने के बाद भी कि उक्त भूमि नगर निगम के आधिपत्य में है, वहां पर भवन निर्माण की अनुमति देते रहे।

इतना ही नहीं प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बाद भी लोग मकान लगातार बनाते रहे और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए निगम के तत्कालीन अधिकारियों द्वारा उक्त क्षेत्र में सड़क, बिजली, नाली आदि की सुविधाएं देते रहे, जिसकी वजह से अवैध निर्माण करने वालों को प्रोत्साहन मिलता रहा। इस मामले की शुरू कराई गई जांच में जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उन्हें नोटिस जारी की गई है।

इसमें कहा गया है कि निगम के अधिपत्य की भूमि पर भवन निर्माण की अनुमति देने के साथ ही नए लोगों द्वारा भी निर्माण कराए जाएं, इसे प्रोत्साहित करने के लिए निगम की राशि से संसाधन भी उपलब्ध कराते रहे। इस कृत्य की वजह से निगम को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचा है। निगम आयुक्त द्वारा शुरू की गई इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। इसके पहले उपयंत्री अंबरीश सिंह को निलंबित किया जा चुका है।
- सात दिन में मांगा गया जवाब
नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी किए गए नोटिस में सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। जिन्हें नोटिस जारी की गई है, उसमें प्रमुख रूप से तत्कालीन कार्यपालन यंत्री शैलेन्द्र शुक्ला जो वर्तमान में नगर निगम कटनी में पदस्थ हैं। इनके साथ ही तत्कालीन सहायक यंत्री एचके त्रिपाठी, बाबू गोविंद चतुर्वेदी आदि को भी नोटिस जारी की गई है। कहा गया है कि भू-अर्जन के बाद उक्त भूमि निगम की हो गई थी, यह जानने के बाद भी मकान निर्माण की अनुमति दी गई।
- एफआइआर कराने की तैयारी
जिस तरह से बड़े पैमाने पर स्कीम नंबर छह में विसंगतियां सामने आई हैं और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की संलिप्तता के दस्तावेज मिल रहे हैं। इसके बाद निगम आयुक्त ने कहा है कि संबंधितों के विरुद्ध एफआइआर कराई जाएगी। जिन्हें नोटिस जारी की गई है, उसमें कहा गया है कि विभागीय कार्रवाई के साथ ही आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा।
- गायब फाइलों की तलाश जारी
स्कीम नंबर छह की जांच शुरू होने के बाद से निगम कार्यालय द्वारा निर्माण की दी गई अनुमति से संबंधित फाइलें गायब होना शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि सैकड़ों की संख्या में ऐसे फाइलें नहीं मिली हैं। निगम आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि समय रहते फाइलें पेश कर दी जाएं अन्यथा एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned