रीवा . शुक्रवार को 14 अलग - अलग बसों और 5 ट्रकों से लगभग 2 हजार मजदूर यहां आ धमके । इनमें जिले के मजदूरों के अलावा सैकड़ों ऐसे श्रमिक भी थे , जिन्हें उत्तर प्रदेश और झारखंड जाना था । यूपी के मजदूरों ने तो यहां सुबह 6 बजे से ही सेंट्रल किचेन के इर्द - गिर्द डेरा डाल रखा था । स्थानीय प्रशासन के सामने मुश्किल ये थी कि वे बाहर से आए अपने जिले के श्रमिकों को गंतव्य तक पहुंचाने के प्रबंध करें या फिर यूपी और झारखंड जैसे उन राज्यों के मजदूरों की फिक्र करें जिनकी सरकारें मध्यप्रदेश की बसों को अपनी सीमा के अंदर लेने को तैयार नहीं हैं । दोपहर 12 बजे के आसपास हालात तब बिगड़ गए जब 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से एकबारगी आए अंधड़ में अस्थाई यातायात के तंबू - बंबू भी उड़ गए । पहले से ही खिसियाए मजदूरों का सामान और राशन पानी भीगा तो गुस्सा और भी भड़क गया । इन श्रमिकों ने बदइंतजामी के आरोप लगाते हुए शहर के अंदर ओवरब्रिज के करीब नेशनल हाइवे पर धरना देकर जाम लगा दिया । तकरीबन आधा घंटा चले इस हंगामे के बीच बात और बिगड़ती देख मौके पर पुलिस बुलानी पड़ गई । फोर्स को देख हंगामाइयों के तेवर जब जरा ढीले पड़े तो बातचीत का रास्ता बना । अंततः बाहर के मजदूर बार्डर तक जाने ड़ी बात को राजी हो गए ।

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