गोपनीयता का हवाला देकर जानकारी देने से नहीं बच सकते अधिकारी, यहां जानिए विस्तार से

- राज्य सूचना आयुक्त ने वेबीनार के जरिए आरटीआई एक्टिविस्ट के साथ साझा किए कानून से जुड़े तथ्य

By: Mrigendra Singh

Published: 29 Jun 2020, 09:43 PM IST

रीवा। सरकारी विभागों में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत लगाए गए आवेदनों में कई बार लोक सूचना अधिकारी गोपनीयता का हवाला देकर जानकारी देने से इंकार कर देते हैं। ऐसा वह हर जानकारी के साथ नहीं कर सकते। कुछ ही ऐसे प्रमुख बिन्दु चिन्हित किए गए हैं, जिस पर हवाला दिया जा सकता है।

यह कहना राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह का है। रविवार को आरटीआई के लिए काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ वेबीनार के जरिए कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(जे) के प्रावधान स्पष्ट हैं। इनका सहारा लेकर हर जानकारी को देने से लोक सूचना अधिकारी इंकार नहीं कर सकता।

यदि कोई इस तरह की बात आती है तो अपील अवश्य की जाए। साथ ही सिंह ने यह भी कहा कि आरटीआई आवेदन लगाने के पहले ही उन प्रमुख बिन्दुओं पर ध्यान रखना चाहिए जिनका सहारा लेकर अधिकारी जानकारी देने से इंकार करते हैं। आवेदन ऐसा हो जो अधिनियम के प्रावधानों के तहत जानकारी देने के योग्य हो।

सूचना आयुक्त ने कहा कि लोक सूचना अधिकारी को यह बताना होगा कि आखिर जानकारी नहीं दी जा रही है तो उसकी वजह क्या है। इस दौरान कई अन्य लोगों ने भी अपनी बातें रखी और कहा कि इस तरह से सूचना का अधिकार अधिनियम को लेकर जानकारी साझा करने से जागरुकता आएगी और गलत आवेदनों की संख्या भी कम होगी।

इस वेबीनार में प्रमुख रूप से अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा, शिवानन्द द्विवेदी, बीके माला, निखिल खुराना, मदन गोपाल तिवारी, प्रबल प्रजापति, अंकुर मिश्रा, माहिन खान, अक्षय गोस्वामी, पर्वत सिंह, आशीष राय, उदय शंकर सिंह, पवन द्विवेदी, स्वतंत्र शुक्ला, विनायक पण्डेय, अरुणेंद्र पटेल सहित अन्य कई प्रमुख आरटीआई एक्टिविष्ट शामिल हुए।

- दूसरे राज्यों के एक्टिविष्ट भी शामिल हुए
राज्य सूचना आयुक्त के साथ वेबीनार में दूसरे कई राज्यों के आरटीआई एक्टिविष्ट भी शामिल हुए। रीवा जिले के कार्यकर्ताओं से इस वेबीनार की शुरुआत हुई थी। हर रविवार को आयोजन हो रहा है। इस बार दिल्ली से वसीम आलम अंसारी, प्रदीप उपाध्याय, यूपी के सत्येंद्र सिंह शिकरवार, झारखंड से एके सिंह, राजस्थान से आरके मीणा सहित अन्य ने अपनी जिज्ञासा से जुड़े सवाल किए। छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के एक्टिविष्ट ने भी अपनी बातें रखी।

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Mrigendra Singh Reporting
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