RTO दफ्तर में बगैर पैसे परमिट-ड्राइविंग लाइसेंस की आगे नहीं बढ़ती फाइलें, जानिए, इस कार्यालय की व्यवस्था

RTO दफ्तर में बगैर पैसे परमिट-ड्राइविंग लाइसेंस की आगे नहीं बढ़ती फाइलें, जानिए, इस कार्यालय की व्यवस्था
RTO : No more license for driving license in RTO office

Rajesh Patel | Updated: 08 Aug 2019, 11:51:44 AM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

जिले में परिवहन विभाग के कार्यालय में आरटीओ के बैठने की जगह निर्धारित नहीं, कार्यालय में अव्यवस्था

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रीवा. परिवहन कार्यालय में वाहनों के परमिट, फिटनेस और ड्राइविंग लाइसेंस शाखा में बगैर चढ़ोत्तरी फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। हैरान करने वाली बात तो यह कि एक साल से नए भवन में कार्यालय लग रहा है। लेकिन, अभी तक आरटीओ के बैठने की जगह तक निर्धारित नहीं है। आवेदकों को आरटीओ से मिलने के लिए परेशान होना पड़ रहा हैं।

लाइसेंस शाखा की खिडक़ी पर हर आवेदन में 100 रुपए
स्थान: आरटीओ कार्यालय का नया भवन लाइसेंस शाखा की खिडक़ी, दिन: मंगलवार वक्त 12.10 बजे। लाइसेंस शाखा की खिडक़ी पर 4 से 5 की संख्या में आवेदक कतार में खड़े रहे। इस बीच एक अन्य व्यक्ति कई आवेदन लेकर पहुंचा, आवेदन के साथ 100-100 रुपए देकर वेरीफिकेशन करवाकर चला गया। इसी तरह एक और व्यक्ति पांच पावती लेकर आया। पावती के साथ 100-100 रुपए दिया और खिडक़ी के भीतर से पांच स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस का कार्ड मिल गया। उधर मऊगंज निवासी शिवाकांत डाइविंग लाइसेंस के लिए तीन बार आ चुका। लेकिन, अभी तक नहीं मिला।

फिटनेश शाखा में काउंटर पर बगैर सौदा किए नहीं बढ़ती फाइलें
इसी तरह फिटनेश काउंटर में 12.84 बजे आवेदन दिया। साथ में आए युवक ने आवेदनकर्ता से 500 रुपए लेकर आवेदन के पन्ने में रखकर मैडम की टेबल पर रख दिया। जबकि एकाउंट शाखा में सरकारी फीस जमा करने के दौरान चालान दे दी जाती है। बताया गया कि ये फीस के ही पैसे हैं। विभिन्न काउंटर पर खड़े शिवपूजन, रामकरन और सुधीर ङ्क्षसह आदि ने बताया कि परमिट, फिटनेश और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए काउंटर पर पैसे नहीं देने पर फाइलें नहीं बढ़ती हैं। ।

यातायात की परीक्षा 100 रुपए में पास!
शहर के वार्ड-10 रतहरा निवासी रघुनाथ सिंह बेटे का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए काउंटर नंबर -10 पर पहुंचे। यातायात नियमों की सामान्य परीक्षा में दस अंक के पूर्णांक में से छह अंक पाना अनिवार्य है। रघुनाथ ने बताया कि बेटे को पास कराने के लिए 200 रुपए देना पड़ा। ये कहानी अकेले इन आवेदनों के साथ नहीं बल्कि दर्जनों की संख्या में काउंटर-10 से लेकर 9 तक खड़े रहे।

एकाउंट शाखा में टेबल के ऊपर बैठे कथित दलाल
आरटीओ कार्यालय में अव्यवस्था इस कदर है कि एकाउंट शाखा में अधिकारी के सामने कथित दलाल टेबल के ऊपर बैठे रहते हैं। यह कहानी अकेले एक दो दिन की नहीं बल्कि आएदिन बनी रहती है। पत्रिका की टीम ने एक सप्ताह तक कार्यालय में विभिन्न शाखाओं में कार्यों की क्रियान्वयन की गतिविधियों पर नजर रखी। इस दौरान कैमरे में कार्यालय की अव्यवस्थाएं और कर्मचारियों के टेबल की मनमानी की कई तस्वीरें कैद हुईं हैं।

पुराने दफ्तर में दलालों की सजी दुकानें
परिवहन विभाग कार्यालय में स्थित पुराने भवन में दलालों ने काउंटर लगा दिया है। पुराने कारटीओ कार्यालय का भवन छोड़ शेष ज्यादातर कमरों के बाहर दलालों के कांउटर लगे हुए हैं। आरटीओ कार्यालय पहुंचने वाले लोग पहले दलालों के कांउटर पर ही पहुंचते हैं। जबकि मुख्य कार्यालय परिसर के नए भवन में हो गया है।

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