खंडवा से रीवा आए मजदूरों ने सुनाई आपबीती, कहा- 35 किमी पैदल चलकर बमुश्किल पहुंचे घर

सावर्जनिक परिवहन बंद होने से बढ़ी परेशानी

By: Anil singh kushwah

Updated: 10 May 2020, 01:54 AM IST

रीवा. खंडवा से लौटे मजदूरों को घर जाने के लिए प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की जिससे परेशानी उठानी पड़ी। कई मजदूर लॉकडाउन में सार्वजनिक वाहन बंद होने से 35 किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचे। बताया गया कि मजदूर शुक्रवार को खंडवा से बस से चलकर शनिवार सुबह रीवा पहुंचे। यहां कलेक्ट्रेट परिसर में स्क्रीनिंग के बाद अधिकारियों ने उन्हें अपने गांव जाने की अनुमति दे दी लेकिन वाहन की कोई व्यवस्था नहीं की। लॉकडाउन में सार्वजनिक परिवहन बंद होने से मजदूरों के लिए समस्या खड़ी हो गई। गुढ़ के पास रहने वाले शोभनाथ ने बताया कि उनके साथ पत्नी और तीन बच्चे थे। कोई साधन नहीं मिलने पर एसएएफ चौराहा के पास उन्होंने पुलिसकर्मियों से मिन्नत की तो वाहन पर बैठाया।

ठेकेदार नहीं दे रहे है पैसा
प्रवासी मजदूरों के साथ सबसे बड़ी समस्या पैसों को लेकर है, बीच में काम बंद हो जाने से कंपनी व ठेकेदार उनकी राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वह अपनी आधी मजदूरी ले कर घर आ रहे हैं।

24 घंटे में चार रोटी खाकर किया गुजारा
शोभनाथ ने बताया कि खंडवा में बस में बैठाने से पहले उनकी स्क्रीनिंग की गई। शाम को भोजन के पैकेट में चार पूडिय़ां दी गई थी। इसके बाद रीवा तक कोई सामग्री नहीं दी गई।

नहीं चालू हुई बसें
ग्रीन जोन में शामिल जिले में बसों 50 प्रतिशत यात्रियों के साथ बस संचालन की छूट दी है, लेकिन बसें नहीं चलने से परेशानी उठानी पड़ रही है।

जान जोखिम में डाल कर सफर कर रहे प्रवासी
प्रवासी श्रमिकघर लौटने के लिए जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। हाइवे पर ट्रकों की छत पर यात्रा कर रहे श्रमिकों की परेशानी जिम्मेदारों को नहीं दिख रही है। जिपं सदस्य जयवीर सिंह ने ट्रकों पर सफर कर रहे श्रमिकों के सफर का वीडियो और फोटो प्रशासनिक अध्ािकारियों को भेजा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को भेड़ बकरी की तरह ठूस-ठूसकर ढोया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हैं। सदस्य ने श्रमिकों को ठीक से घर पहुंचाने की मांग उठाई है।

Anil singh kushwah Desk
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