मध्य प्रदेश के इस जिले में गरीबों को गेहूं-चावल नहीं बांटेगे सेल्समैन, जानिए क्यो

सेल्समैनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय का किया घेराव

By: Rajesh Patel

Updated: 06 Feb 2018, 12:40 PM IST

रीवा. मध्य प्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी दोपहर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री को संबोधित जिला अपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सहकारी समिति कर्मचारियों के लिए जिला स्तर पर वेतनमान और स्थानातरण आदेश जारी किया जाए।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय का घेराव किया
सहकारी समिति के कर्मचारी लंबे समय से वेतनमान की मांग को लेकर आंदोलित हैं। पंचायत सचिवों और अध्यापकों की मांगे पूरी होने के बाद सेल्समैन जुलूस के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। लामबंद कर्मचारी नारा लगाते हुए जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय का घेराव किया। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुभाष द्विवेदी ने ज्ञापन की औपचारिकता पूरी की। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा शासन के निर्देश पर एक साल से बढ़ा मानदेय जारी नहीं किया जा रहा है।
विक्रेताओं को दो-दो उचित मूल्य की दुकानों को संचालित करने का आदेश जारी करा
सहकारी समिति के कार्यरत विक्रेताओं को दो-दो उचित मूल्य की दुकानों को संचालित करने का आदेश जारी करो। कंप्यूटर ऑपरेटरों को सेवा नियम में लिपिक वर्ग में संशोधित किए जाने सहित अन्य मांग उठाई। मांग किया कि कलेक्टर दर पर बढ़ा वेतन कुछ समितियों में नहीं दिया गया है, जल्द दिया जाए। ज्ञापन के दौरान मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र दुबे, जिला सचिव पुष्पेन्द्र पटेल सहित अनिल पांडेय, अशोक मिश्र, नारायण मिश्र, राकेश मिश्र, नागेन्द्र ङ्क्षसह, देवचंद्र, धिरेन्द्र शुक्ला, अंजनी कुमार मिश्र, आशीष कुमार, नारायणदास मिश्र, बालेन्द्र विश्वकर्मा, राकेश सेन, आदित्य सिंह, दिलीप सिंह, विष्णु प्रताप पटेल, कमला प्रसाद मिश्र सहित सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
जिले में 889 उचित मूल्य की दुकानें
जिले में उचित मूल्य की 889 दुकानें हैं, इन दुकानों पर गरीबों को चावल, गेहूं सहित अन्य खाद्यन्न की बिक्री की जाती है। सब्सिडी दाम पर गरीबों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। दुकानों पर खाद्यान्न वितरण का काम सहकारी समिति के कर्मचारी कर रहे हैं। नियमतीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर लामबंद हैं, विक्रेताओं ने कहा कि हक नहीं मिला तो दुकानें बंद कर आंदोलन करेंगे।

 

Rajesh Patel Reporting
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