कक्षा चौथी की छात्रा को शिक्षक ने बेरहमी से पीटा, जानिए क्यों

निजी स्कूल में बच्ची के साथ हुई बर्बरता, पुलिस मामले की कर रही जांच

By: Mahesh Singh

Published: 10 Feb 2018, 10:34 PM IST

रीवा. कक्षा चौथी की छात्रा को होमवर्क नहीं करना भारी पड़ गया। छात्रा जब स्कूल पहुंची तो कक्षा का शिक्षक आग-बबूला हो गया और डंडे से छात्रा की बेहरमी से पिटाई कर दी। उसके हाथ एवं पैर में डंडे के निशान बन गए हैं। छात्रा के शरीर में मौजूद डंडों के निशान खुद शिक्षक की बर्बरता की कहानी बयां कर रहे थे। मामला रीवा जिले के मनगवां कस्बे में संचालित टैगोर विद्यालय का है। परिजन छात्रा को लेकर मनगवां थाने पहुंचे और शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


बिना कारण जाने ही पीटा
छात्रा ने आखिर होमवर्क क्यों नहीं किया था, यह जाने बिना ही शिक्षक ने पिटाई शुरू कर दी। परिजनों के अनुसार उनकी बेटी मनगवां में संचालित निजी विद्यालय में पढ़ती है। दो दिन पहले शिक्षकों ने होमवर्क दिया था। लेकिन वह घर में काम की वजह से होमवर्क नहीं कर पाई थी। दूसरे दिन जब छात्रा स्कूल पहुंची तो उससे कारण नहीं पूछा गया और शिक्षक ने मारपीट शुरू कर दी। बच्ची रोती हुई घर लौटी और परिजनों को जानकारी दी।


छह घंटे तक छात्र को अलग कक्ष में बैठाया
सिविल लाइन रीवा अंतर्गत संचालित विजडम वैली विद्यालय में भी छात्र को प्रताडि़त किए जाने की घटना सामने आई है। अर्जुन नगर में संचालित इस स्कूल के कक्षा सातवीं का छात्र फीस नहीं जमा कर पाया था। जिस पर सात फरवरी को विद्यालय में छात्र को छुट्टी के समय तक अलग कमरे में बैठाया गया और उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त किया गया। अगले दिन छात्र ने विद्यालय जाने से मना किया तो पिता ने उससे कारण पूंछा, तब उसने घटना की जानकारी दी।


फीस जमा करने के बाद कर दी पिटाई
पिता ने विद्यालय पहुंचकर छात्र की फीस जमा कर दी। लेकिन 9 फरवरी को छात्र जब विद्यालय गया तो पिता की शिकायत से नाराज शिक्षक ने छात्र की बेदम पिटाई शुरू कर दी। जिससे उसको गंभीर चोट आई है। घर पहुंचकर उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी बच्चे को लेकर परिजन थाने पहुंचे और प्रकरण दर्ज कराया। पुलिस ने घायल छात्र को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया है।


नहीं रूक रही छात्रों के साथ बर्बरता
शासन ने कड़े निर्देश दिए हैं, इसके बाद भी स्कूलों में बच्चों के साथ बर्बरता नहीं रुक रही है। खासकर निजी विद्यालयों में ड्रेस, कापी-किताब, होमवर्क व फीस को लेकर आएदिन छोटे बच्चों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं। लेकिन जिला प्रशासन आरोपी निजी विद्यालय संचालकों एवं शिक्षकों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

 

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