हर दिन 6 किमी पैदल चलकर जाती थी स्कूल, किसान की बेटी ने प्रदेश में किया टॉप

6 छह किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाने वाली किसान की बेटी ने प्रदेश में टॉप किया, पिता बोले खुशी ने कर दिया दिल खुश

By: Hitendra Sharma

Updated: 28 Jul 2020, 04:44 PM IST

रीवा। पढ़ाई के लिए हर दिन स्कूल तक का 6 किलोमीटर पैदल सफर करने वाली किसान की बेटी खुशी सिंह ने कला संकाय में प्रदेश में टॉप किया है। पांच बहनों में तीसरे नंबर की खुशी ने 500 में से 486 अंक हासिल कर यह उपलब्धि अपने नाम की। उनके पिता रमेश प्रताप सिंह सामान्य किसान हैं और इसी से होने वाली कमाई से वे परिवार के भरण-पोषण के साथ पांचों बेटियों को पढ़ा रहे हैं।

जिले के त्योंथर तहसील मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर छोटे से गांव चुनरी की निवासी खुशी पढ़ाई के लिए हर दिन पैदल शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय त्योंथर आती थीं। बिना किसी ट्यूशन के उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सोमवार को घोषित परीक्षा परिणाम में टॉप लिस्ट में खुशी का नाम आते ही त्योंथर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। अब वे शिक्षक बनकर समाज को नई दिशा देना चाहती हैं।
पिता बोले- बेटे की कमी खुशी ने पूरी कर दी।

विंध्य का नाम रोशन करने वाली खुशी के पिता रमेश प्रताप सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि सुविधाओं की कमी के बावजूद उसने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना ही नहीं है। खुशी पांच बहनों में तीसरे नंबर की हैं, उनके कोई भाई नहीं है। पिता रमेश प्रताप ने कहा कि उसने बेटे की कमी को पूरा कर दिया।

जिले में हायर सेकेंडरी परीक्षा में तीन छात्रों ने जगह बनाई है। इसमें जहां शासकीय स्कूल खुशी ने कला संकाय में प्रदेश में टॉप रही है। वहीं सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेहरु नगर की विज्ञान संकाय की छात्रा अदिति शुक्ला में प्रदेश में दसवंा स्थान अर्जित किया है। नेत्रबाधित सूरज सिंह ने प्रदेश में दिव्यांग छात्रों में प्रदेश में दूसरा स्थान अर्जित किया है। हालाकि जिले का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना में तीन फीसदी कम है। जिले में इस बार 62 फीसदी बच्चे उत्तीर्ण हुए है। जबकि गत वर्ष में 65.63 फीसदी परीक्षा परिणाम था।

Hitendra Sharma
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