कोरोना संकटकाल में तनाव को भूल स्किल डेवलप करने पर जोर दें छात्राएं

- इंजीनियरिंग कालेज द्वारा तनाव प्रबंधन को लेकर वेबीनार का किया गया आयोजन

 

By: Mrigendra Singh

Updated: 14 Jun 2020, 09:53 PM IST


रीवा। शासकीय इंजीनियरिंग कालेज द्वारा 'कोरोना संकट काल के दौरान तनाव प्रबंधनÓ विषय पर नेशनल वेबीनार का आयोजन किया गया। जहां पर देश के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से 130 विशेषज्ञों के साथ छात्रों ने हिस्सेदारी की। कोरोना संकटकाल के दौरान यह घटनाएं सामने आ रही हंै कि छात्र एवं युवा अपने भविष्य को लेकर तनावग्रस्त हो रहे हैं। इसलिए उन तक बात पहुंचाने के लिए तनाव का प्रबंधन किस तरह से किया जाना चाहिए, इसे लेकर इंजीनियरिंग कालेज की ओर से वेबीनार का आयोजन किया गया।

टेक्यूप थ्री परियोजना के अंतरतग गो टू मीटिंग साफ्टवेयर प्लेटफार्म पर आयोजित किया गया। जिसमें भारत वर्ष के विभिन्न तकनीकी शिक्षण संस्थाओं की महिला शिक्षकों के साथ साथ महाविद्यालय की 130 छात्राओं ने प्रतिभागिता दर्ज की। विशेष रूप से महिला प्रतिभागियों के लिए 'कोरोना संकट काल के दौरान तनाव प्रबंधनÓ विषय पर आयोजित वेबीनार की मुख्य वक्ता प्रदेश की ख्यातिप्राप्त मनोवैज्ञानिक डा.श्रेया पाहवा भोपाल से जुड़ीं। उन्होंने कहा कि छात्राएं इस संकट के समय मानसिक तनाव से दूर रहकर अपने स्वास्थ्य , परिवार एवं सगे सम्बंधियों पर ध्यान देते हुए आत्मसंतोष के साथ अपनी आदर्श दिनचर्या के साथ समय बिताएं।

अपने अंदर छुपी उस प्रतिभा को निखारे जिस पर कभी उन्होंने ध्यान नहीं दिया। छात्राएं इस बात पर फोकस करें कि वे पढ़ाई के साथ साथ आत्मनिर्भर बनने के अपने स्किल का किस तरह विकास कर सकती हैं। इस परिस्थिति में अपने अंदर आने वाले निगेटिव विचारों का परित्याग कर परिवार एवं समाज में स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने की बात भी कही। डॉ. श्रेया ने समझाने के लिए कुछ उदाहरण भी किए कि लॉकडाउन के दिनों में कई लड़कियों और महिलाओं द्वारा संगीत के वीडियो, कढ़ाई-सिलाई, लेखन, इनोवेशन सहित अन्य कार्य किए गए, जिसे काफी लोकप्रियता मिल रही है।

इसलिए अपने भीतर के स्किल को पहचानकर उसका विकास करें। इस नेशनल वेबीनार को सम्बोधित करते हुए इंजीनियरिंग कालेज के प्राचार्य डॉ. बीके अग्रवाल ने कोरोना संकट काल में मानसिक अवसाद से छुटकारा पाने के लिए योग एवं मेडिटेशन का सहारा लेकर प्रसन्नता के साथ चुनौती का सामना करने का आव्हान किया। वेबीनार के प्रारंभ में वेबीनार की संयोजक प्राध्यापक प्रो. अर्चना ताम्रकार ने वेबीनार के विषय की अवधारणा एवं संकल्पना प्रस्तुत की।

वेबीनार समन्वयक प्राध्यापक डॉ. संदीप पाण्डेय ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी से धैर्य के साथ सुरक्षित रहने का निवेदन किया। वेबीनार का संचालन एवं तकनीकी निर्देशन प्राध्यापक प्रो. नमामि कृष्ण शर्मा, प्रो.अरविंद सिंह ने किया। बताया गया है कि यह वेबीनार टेक्यूप थ्री परियोजना के कोआर्डिनेटर डा आरपी तिवारी के मार्गदर्शन, प्रो अंकित सचदेवा, डा अल्का वर्मा के सह समन्वय में आयोजित किया गया।

Mrigendra Singh Reporting
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