कचरे में आग लगाना प्रतिबंधित, डंपिंग प्वाइंट में व्यवस्था बनाने के लिए ये निर्देश

कचरे में आग लगाना प्रतिबंधित, डंपिंग प्वाइंट में व्यवस्था बनाने के लिए ये निर्देश

Mrigendra Singh | Publish: Apr, 23 2019 12:39:08 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

फायर ब्रिगेड हर हिस्से में पहुंचने के लायक बनाई जाएगी व्यवस्था
- सूखे और गीले कचरे को साथ रखने से मीथेन गैस के उत्सर्जन से लग रही आग

 

रीवा। नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर उदासीनता के चलते शहर से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह से आए दिन कोष्टा स्थित कचरा के डंपिंग यार्ड में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव ने कचरा प्रबंधन की गाइडलाइन जारी की है। कहा गया है कि कचरे का ढेर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसलिए उसमें आग लगने के दौरान फायर ब्रिगेड का वाहन नहीं पहुंच पाता है और आग बढ़ती ही जाती है।

अब इस कचरे को चार प्रमुख हिस्सों में बांटा जाएगा, जिससे फायर ब्रिगेड का वाहन पहुंच सके। जरूरत के हिसाब से कचरे को और खंडों में भी बांटा जा सकता है। बीते सप्ताह ही आग भड़की थी, जो कई दिनों तक कचरे में सुलगती रही। नगर निगम का फायरब्रिगेड भी मौके पर पहुंचा लेकिन पूरी तरह से उस पर काबू नहीं पाया गया। इसी दौरान बारिश भी हुई तब जाकर आग बुझी।

इस तरह की शिकायतें केवल रीवा ही नहीं, अन्य स्थानों से भी आ रही हैं, जिसके चलते विभाग ने सभी नगरीय निकायों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि अपने यहां से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन मानकों के अनुसार करें। कचरे में आग लगने से जहरीली गैस निकलती है और वातावरण दूषित होता है।


- सूखा और गीला कचरा एक साथ रखने से लग रही आग
शहर से संकलित किए जाने वाले कचरे का पृथक्कीकरण उचित और मानक के अनुसार नहीं किए जाने के चलते सूखा और गीला कचरा डंपिंग प्वाइंट में एक साथ डाला जा रहा है। इस कचरे के विघटन से मीथेन गैस उत्सर्जित होती है और आग उत्पन्न होने लगती है। इसलिए कहा गया है कि सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था बनाई जाए। जिससे यहां पर आग उत्पन्न नहीं हो। सबसे अधिक गर्मी के दिनों में यह आग उत्पन्न होती है।


- हर दिन 92 टन निकल रहा कचरा
शहर में हर दिन करीब 92 टन कचरा निकल रहा है। इसके डोरटूडोर संकलन के लिए रामकी ग्रुप की एमएस होल्डिंग कंपनी को १५८ करोड़ रुपए का क्लस्टर बेस्ड प्रोजेक्ट दिया गया है। रायपुर कर्चुलियान के नजदीक पहडिय़ा गांव में रीवा, सतना एवं सीधी जिले के २८ नगरीय निकायों का कचरा लाया जाएगा। यहां पर कचरे से ६ मेगावाट बिजली बनाई जानी है। पहडिय़ा में गांव के बीच प्लांट लगाए जाने का विरोध भी शुरू हो गया है। यह मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पहुंच चुका है। फिलहाल रीवा शहर का कचरा पुराने डंपिंग यार्ड कोष्टा में ही डंप किया जा रहा है।


- यह निर्देश नगर निगम को मिले हैं
- कचरे का स्त्रोत पर ही उचित और मानक प्रकार से पृथक्कीकरण किया जाए, मिश्रित कचरे को डंप साइट में पहुंचने से रोका जाए।
- पुरानी डंपिंग साइट पर कचरे को खंडों में बांटें, ताकि आग बुझाने के लिए सरलता से पहुंचा जा सके।
- डंपिंग यार्ड का नियमित निरीक्षण करने के लिए टीम बनाई जाए। जिससे कचरे का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
- सफाई के बाद कर्मचारियों द्वारा कचरे में आग लगाने से रोकना।
- रहवासियों द्वारा सूखे पत्ते एवं कचरों में आग लगाकर नष्ट करने की प्रवृत्ति रोकना।
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कचरा डंपिंग प्वाइंट कोष्टा में आए दिन आग लग रही है, इसे रोकने के लिए कचरे को कई खंडों में बांटना है। इसके लिए कचरा प्रबंधन का काम देख रही कंपनी से कहा गया है कि जल्द ही व्यवस्था बनाएं।
मीना पटेल, नोडल अधिकारी कचरा प्रबंधन

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