मेडिकल कालेज प्रबंधन और नर्सों में बढ़ा टकराव, हड़ताल की चेतावनी


- स्थापना शाखा के लिपिक को हटाने की उठाई थी मांग लेकिन प्रबंधन ने एक और दागी की कर दी पदस्थापना

By: Mrigendra Singh

Published: 15 Sep 2021, 11:11 AM IST


रीवा। श्यामशाह मेडिकल कालेज में नर्सेस एसोसिएशन और प्रबंधन के बीच टकराव बढ़ गया है। एक दिन पहले स्थापना शाखा के बाबू के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के बाद भी नहीं हटाए जाने पर दूसरे दिन फिर से नर्सों ने कालेज पहुंचकर नारेबाजी की।

नर्सेस एसोसिएशन का कहना है कि उनकी ओर से स्थापना शाखा के लिपिक जीतेश रावत को हटाए जाने की मांग की गई थी। वह नर्सों एवं दूसरे कर्मचारियों के साथ अभद्रता के साथ पेश आता है। मेडिकल कालेज के डीन डॉ. मनोज इंदुरकर के साथ हुई वार्ता में आश्वासन दिया गया था कि संबंधित बाबू को हटाया जाएगा।

दूसरे दिन फिर नर्सों ने कालेज परिसर पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। इनका आरोप था कि स्थापना शाखा में एक अभद्रता करने वाले बाबू को हटाने की मांग की गई थी लेकिन प्रबंधन ने उसको हटाए जाने के बजाए एक और दागी को पदस्थ कर दिया।

विनोद सेन नाम के कर्मचारी पर इसके पहले कई शिकायतें सामने आई थी, जिसकी वजह से उसे शाखा से हटाया गया था लेकिन अब दोबारा फिर से पदस्थ करने पर नर्सों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इनका कहना है कि ऐसे कर्मचारियों की वजह से उनके मामलों का निराकरण नहीं होता और किसी जानकारी के लिए आने पर अभद्रता की जाती है।
नर्सेस एसोसिएशन की ओर से पुष्पलता पटेल ने कहा है कि उनकी ओर से दोबारा मेडिकल कालेज के प्रबंधन से कहा गया है कि यदि दोनों कर्मचारियों को नहीं हटाया जाएगा तो संजयगांधी और गांधी स्मारक अस्पताल की नर्सें हड़ताल पर चली जाएंगी। उपचार व्यवस्था बाधित होने पर पूरी जवाबदेही प्रबंधन की होगी।

- डीन ने कहा, दोनों पक्षों की अपनी दलीले हैं
मेडिकल कालेज के डीन डॉ. मनोज इंदुरकर ने बताया कि इस मामलों में कर्मचारियों के दो पक्ष हैं। एक पक्ष का कहना है कि वह कोई काम लेकर आती हैं तो बाबू ठीक से बात नहीं करते। वहीं दूसरे पक्ष का तर्क है कि वह अस्पताल में जाते हैं नर्सें ठीक से बात नहीं करती। दोनों पक्षों को सुनने के बाद समझाइश दी गई है। जिस बाबू को लेकर आपत्ति है उसकी शाखा बदल रहे हैं।

Mrigendra Singh Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned