एमपी बोर्ड परीक्षा में 50 स्कूलों में छात्रों को बैठने नहीं मिलेगी टेबिल कुर्सी

स्कूल की कक्षा मेें 10 वीं और 12वीं में टेबिल, कुर्सी में पढ़ाई वाले छात्रों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी होगी। परीक्षा केन्द्रों में फर्नीचर नहीं होने से यह स्थिति बन रही है। इससे ५० परीक्षा केन्द्रों में लगभग 8 हजार छात्र-छात्राएं प्रभावित होगें।


एमपी बोर्ड परीक्षा में 50 स्कूलों में छात्रों को बैठने नहीं मिलेगी टेबिल कुर्सी
रीवा। स्कूल की कक्षा मेें 10 वीं और 12वीं में टेबिल, कुर्सी में पढ़ाई वाले छात्रों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी होगी। परीक्षा केन्द्रों में फर्नीचर नहीं होने से यह स्थिति बन रही है। इससे ५० परीक्षा केन्द्रों में लगभग 8 हजार छात्र-छात्राएं प्रभावित होगें। परीक्षा केन्द्र में बने इन सरकारी विद्यालयों में पर्याप्त फर्नीचर नहीं होने से जमीन पर बैठने की व्यवस्था बनाई गई है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा २ मार्च से होने वाली परीक्षा के लिए जिले में १०१ परीक्षा केन्द्रों बनाए गए हंै। इनमें ७१ परीक्षा केन्द्र शासकीय स्कूल में है। जिनमें से 50 परीक्षा केन्द्रों में पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। जिससे इन परीक्षा केन्द्रों पर छात्रों को बोर्ड परीक्षा जमीन में बैठकर देनी होगी।। लगातार तीन घंटे तक छात्रों को पांव मोड़कर परीक्षा देने में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। टेबिल, कुर्सियो में पढ़ाई करने वाले छात्र अब जमीन में बैठकर परीक्षा देने में असहज महसूस करेंगे। इस संबंध में डीइओ ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को फर्नीचर उपलब्ध कराने के लिए राशि मांगी थी। लेकिन मंडल ने फर्नीचर उपलब्ध कराने के लिए राशि नहीं दी है।

शहर के दो परीक्षा केन्द्रों में नहीं है सुविधा-
शहर के दो शासकीय विद्यालयों में भी पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। परीक्षा क्रेन्द्र गर्वमेंट क्रमांक 02 में 98 छात्रों को टेबिल, कुर्सी नहीं मिलेगी। यहां 413 छात्रों को बैठने व्यवस्था है, इसमें 315 के लिए कुर्सी टेबिल है। जिससे शेष 98 छात्रों को जमीन में बैठना होगा। इसी तरह शासकीय कन्या सुदर्शन कुमारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ४०३ छात्र-छात्राएं परीक्षा देगें। यहां भी 103 छात्रों को बैठने के लिए टेबिल, कुर्सी नहीं मिलेगी।

दो परीक्षा केन्द्रों नहीं हैं टेबिल, कुर्सी-
जिले में दो परीक्षा केन्द्र ऐसे हैं जहां एक भी कुर्सी, टेबिल नहीं है। इसमें शासकीय हाईस्कूल रामनई एवं हनुमना अंतर्गत बढ़ैया हाईस्कूल शामिल है। इसमें शासकीय हाईस्कूल बढैय़ा में ४६६ छात्र और शासकीय हाईस्कूल रामनई में १९० छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।
नहीं है बजट
50 परीक्षा केन्द्रों में छात्रों के बैठने के लिए कुर्सी, टेबिल नहीं है। 100 छात्रों की बैठक व्यवस्था बनाने में लगभग तीन लाख रुपए खर्च होंगे। ऐसे में अब छात्रों को जमीन में बैठकर ही परीक्षा देनी होगी।
आरएन पटेल, डीइओ रीवा

Lokmani shukla Reporting
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