सुपर स्पेशलिटी में डॉक्टर समेत 300 स्टाफ की दो साल बाद भी नहीं हो सकी नियुक्तियां

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक साल से स्टाफ और पीइबी में लटकी पैरामेडिकल स्टाफ की चयन प्रक्रिया, छह बार विज्ञापन के बाद भी नहीं मिल रहे चिकित्सक

By: Rajesh Patel

Published: 22 Jun 2020, 09:02 AM IST

रीवा. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दो साल बाद भी डॉक्टर समेत पैरामेडिकल, नर्स स्टाफ की नियुक्तियां नहीं हो सकी। छह बार विज्ञापन निकालने के बाद भी अस्पताल के लिए चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में अभी तक पैरामेडिकल स्टाफ व स्टाफ नर्स की चयन प्रक्रिया फाइनल नहीं हो सकी है। मेडिकल कॉलेज को स्टाफ नर्सों की नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया फाइनल हो गई है। एक साल बीतने के बाद भी चयन की प्रक्रिया चालू नहीं की गई। अभी तक महज 9 डॉक्टरों का चयन हो सका है।

डेढ़ सौ करोड़ के अस्पताल में स्टाफ की नियुक्तियां नहीं
विंध्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल संजय गांधी अस्पताल परिसर में मेडिकल कालेज से सबद्ध सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। संसाधन के अभाव में दो साल बाद भी चालू नहीं हो सका। रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली समेत आस-पास के जिले के मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। इस उद्देश्य को लेकर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार सुपर स्पेशलिटी में अभी मरीजों को पूरी क्षमता से इलाज नहीं मिल रहा है।

डॉक्टरों के चयन के लिए छह बार विज्ञापन
मेडिकल कालेज प्रबंधन सुपर स्पेशलिटी में डॉक्टरों के चयन के लिए दो साल के भीतर छह बार विज्ञापन कर चुका। अस्पताल में 100 डॉक्टरों की नियुक्ति होनी है। इसके बाद भी चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं। इतना ही नहीं प्रदेश के आस-पास राज्यों यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटन, बंगलूरु समेत अन्य जगहों पर कैंपस भी कर चुके हैं। इसके बाद भी सुपर स्पेशलिटी के लिए डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। तत्कालीन डीन ने कई बार चयन की प्रक्रिया के लिए बाहर गए। लेकिन, चिकित्सक आने को तैयार नहीं हुए।

व्यापम में लटका पैरामेडिकल स्टाफ का चयन
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 146 बेड हैं। यहां पर स्टॉफ नर्स के साथ 200 पैरामेडिकल स्टाफ का चयन किया जाना है। करीब डेढ़ साल से पैरामेडिकल स्टाफ के चयन की प्रक्रिया भोपाल स्थित व्यापम में लटकी हुई है। इसी तरह मेडिकल कालेज के स्तर पर स्टाप नर्स का चयन किया जाना है। ऑनलाइन 135 स्टाफ नर्स के चयन की प्रक्रिया फाइनल नहीं हो सकी।

एक नवंबर से ओपीडी चालू, अब तक दो आपरेशन
एक नवंबर 2019 को मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर सुपर स्पेशलिटी में ओपीडी चालू कर दी गई है। कोरोना प्रोटोकाल के दौरान ओपीडी बंद कर दी गई थी। अनलॉक 1.0 के बाद ओटी और आपरेशन भी चालू कर दिया गया है। डॉक्टरों की कमी के कारण संजय गांध अस्पताल के चिकित्सकों की मदद से वहां पर भर्ती गंभीर मरीजों का आपरेशन सुपर स्पेशलिटी में किया जा रहा है। न्यूरो सर्जरी के अब तक दो आपरेशन हो चुके हैं।

वर्जन...
महामारी के संकट के दौरान ओपीडी बंद रही। अस्पताल में ओपीडी के साथ ओटी और आपरेशन चालू कर दिया गया है। डॉक्टरों के चयन के लिए कई बार बाहर विज्ञापन दिया गया। पूरी कोशिश है कि पूरे स्टाफ के चयन की प्रक्रिया फाइनल हो जाए। स्टाफ नर्स के चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी।
डॉ सुधाकर द्विवेदी, अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

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