रीवा शहर के ये हैं चार ऐसे संस्थान जहां पाई गई है सबसे अच्छी स्वच्छता, निगम ने किया है आंतरिक मूल्यांकन

स्वच्छता अभियान
- स्वच्छ होटल चंद्रलोक, आदर्श अस्पताल, बालभारती स्कूल एवं सोना रेस्टोरेंट के नाम की घोषणा
- मुख्य सर्वेक्षण के लिए नगर निगम को जारी करना था आंतरिक मूल्यांकन

By: Mrigendra Singh

Published: 03 Jan 2020, 12:46 PM IST


रीवा। स्वच्छता सर्वेक्षण शहर में प्रारंभ होने से पहले नगर निगम उन सभी तैयारियों पर फोकस कर रहा है जो अच्छी रैंकिंग के लिए आवश्यक है। इसी में शहर के भीतर की स्वच्छता का स्वयं मूल्यांकन करना भी शामिल है।

नगर निगम ने शहर के भीतर संचालित संस्थानों में सफाई का मूल्यांकन करने के लिए प्रतिस्पर्धा कराया था। जिसमें संचालित होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, स्कूल, कालेज, शापिंग माल सहित अन्य से दावे मांगे थे। संबंधित संस्थानों ने एक फार्म भरकर निगम को बताया कि उनके यहां किस तरह से स्वच्छता के इंतजाम किए गए हैं। इस पर निगम की ओर से गठित की गई टीम ने मौके पर पहुंचकर मूल्यांकन किया। इसकी रैंकिंग हर तिमाही में होती रही है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में हर तीन-तीन महीने का लीग हुआ है।

हर लीग में निगम ने अपने स्वच्छता संबंधी दावो को केन्द्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया है। इसी के तहत हर लीग में यह बताया जाता रहा है कि शहर के भीतर किस संस्थान में सबसे अधिक स्वच्छता है। पहला लीग अप्रेल, मई, जून एवं दूसरा लीग जुलाई, अगस्त, सितंबर और तीसरा लीग अक्टूबर, नवंबर एवं दिसंबर महीने में शहर की स्वच्छता पर हुआ। अब नगर निगम ने तीनों लीग की स्वच्छता से जुड़ी आंतरिक रैंकिंग जारी की है।


- इन्हें मिली शहर के भीतर स्वच्छ संस्थान की पहली रैंक
होटल- चंद्रलोक होटल 100/82अंक
होटलों में इस बात का मूल्यांकन किया गया कि यहां से निकलने वाले कचरे का किस तरह से प्रबंधन किया जाता है। सूखे और गीले कचरे को लेकर किस तरह से काम हो रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ ही स्वच्छता को लेकर ग्राहकों को किस तरह से जागरुक किया जा रहा है। इसमें चंद्रलोक होटल को पहली रैंक मिली है।
स्कूल- बालभारती 100/66, सेंट्रल एकेडमी 100/66
स्कूलों के स्वच्छता रैंकिंग में बाल भारती एवं सेंट्रल एकेडमी स्कूल को संयुक्त रूप से ६६-६६ अंक मिले हैं। इसलिए दोनों को समान रैंक दी गई है। स्कूलों में परिसर की सफाई के साथ ही शौचालयों की स्वच्छता पर फोकस था। यह देखा गया कि स्वच्छता के लिए पानी का कितना उपयोग हो रहा है। साथ ही परिसर में इसके लिए जागरुकता के क्या इंतजाम किए गए हैं।
अस्पताल- आदर्श हास्पिटल 100/72
शहर के अस्पतालों में आंतरिक सफाई के साथ ही यहां से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन का मूल्यांकन किया गया। इसमें शहर के कई प्रमुख अस्पतालों की स्थिति देखी गई। कुछ ने फार्म भरने के दौरान ऐसी व्यवस्थाओं का दावा किया था, जो निगम की टीम को मूल्यांकन के दौरान नहीं मिली।
रेस्टोरेंट- सोना रेस्टोरेंट 100/88
जहां पर लोगों को खाने-पीने की सामग्री परोसी जाती है, वहां की स्वच्छता का भी मूल्यांकन किया गया है। जिसमें सोना रेस्टोरेंट में सबसे बेहतर सफाई के साथ कचरे का प्रबंधन पाया गया। साथ ही यहां पर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं किए जाने की शुरुआत भी की गई है।
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शहर की रैंकिंग में भी हुआ सुधार, निगम की उम्मीदें बढ़ीं
हाल ही में देश भर के शहरों की अब तक की स्वच्छता की स्थिति की रिपोर्ट जारी की गई है। जिसके पहले तिमाहे के परिणाम में रीवा को निराशाजनक स्थिति का सामना करना पड़ा था। दूसरे तिमाही के जारी किए गए परिणाम ने उम्मीद बढ़ा दी है। इसमें देश में ७४वां स्थान रीवा नगर निगम को मिला है। जिसके चलते निगम प्रशासन ने अब पूरी ताकत स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले झोंकने की तैयारी की है। निगम आयुक्त ने अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है। निगम कार्यालय प्रशासक का पदभार लेने पहुंचे संभागायुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने भी स्वच्छता रैंकिंग से जुड़ी तैयारियों की जानकारी निगम आयुक्त से ली है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले नगर निगम उन सभी मानकों को पूरा करने का प्रयास कर रहा है जो अच्छी रैंकिंग के लिए आवश्यक हैं। इसी के तहत आंतरिक मूल्यांकन भी शामिल है। ओडीएफ प्लस प्लस के बाद फाइव स्टार रेटिंग का सत्यापन होना है, उम्मीद है कि उसमें भी बेहतर करेंगे और दूसरे बड़े शहरों से भी अच्छी रैैंक रीवा को मिलेगी।
सभाजीत यादव, आयुक्त नगर निगम
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Mrigendra Singh Reporting
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