स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 का प्रारूप जारी-इस बार जनता की राय तय करेगी शहर की स्वच्छता रैंकिंग

- 6000 अंकों के लिए तीन लीग में होगा शहर की स्वच्छता का परीक्षण

 

By: Mrigendra Singh

Published: 20 Jul 2020, 12:11 PM IST

रीवा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 का प्रारूप केन्द्र सरकार की ओर से जारी कर दिया गया है। इस बार भी पिछले वर्ष की तरह ही सर्वेक्षण का कार्यक्रम होगा लेकिन पहले की तुलना में इस बार चुनौतियां कड़ी होंगी। स्वच्छता सर्वेक्षण से जुड़ी गाइडलाइन अभी नगर निगम के पास नहीं पहुंची है लेकिन एक प्रारूप जारी किया गया है, उसके अनुसार ही पूरा कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा। पिछले कई स्वच्छता सर्वेक्षणों में सिटीजन फीडबैक को महत्व दिया जाता रहा है लेकिन इस बार स्वच्छता रैंकिंग में सिटीजन फीडबैक अधिक महत्वपूर्ण होगा। स्वच्छता सर्वेक्षण का कुल पूर्णांक 6000 अंकों का निर्धारित किया गया है। इसके लिए तीन लीग होंगे, तीनों दो-दो हजार अंकों के होंगे। तीन-तीन महीने के इस लीग में तय किया जाएगा कि शहर की स्वच्छता किस तरह की है। इसके लिए पूरे साल नगर निगम को सक्रिय रहना होगा।- एप और पोर्टल अभी से करना होगा कामस्वच्छता एप और पोर्टल पर पूर्व के वर्षों में आखिरी के तीन महीने में ही पूरा जोर लगाया जाता था। इस दौरान नगरीय निकायों की रैंकिंग भी इसी में नियमित काम की जारी होती थी। बताया गया है कि इस वर्ष अगस्त महीने से ही एप और पोर्टल सक्रिय हो जाएंगे और इनके माध्यम से ही शहर की स्वच्छता की रैंकिंग शुरू कर दी जाएगी।

- स्टार रेटिंग में रीवा को लग चुका है झटका

गत महीने स्वच्छता सर्वेक्षण से जुड़े स्टार रेटिंग की घोषणा केन्द्र सरकार की ओर से की गई है। जिसमें रीवा को कोई भी रेटिंग नहीं मिली है। जबकि नगर निगम की ओर से फाइव स्टार रेटिंग के लिए आवेदन किया गया था। इसका सर्वे भी अलग से हुआ था। जिसमें शहर की सफाई व्यवस्था ही फेल पाई गई थी। जबकि प्रदेश के अन्य कई शहर जो सफाई के मामले में रीवा से कमजोर माने जा रहे थे उनकी स्टार रेटिंग इससे बेहतर रही है। अभी मुख्य स्वच्छता का सर्वेक्षण से जुड़ा परिणाम आना बाकी है। माना जा रहा है कि जुलाई महीने में ही स्वच्छता सर्वेक्षण का रिजल्ट जारी हो जाएगा।

- सोशल मीडिया के माध्यम से भी लेंगे फीडबैक

इस बार शहर की स्वच्छता वहां के स्थानीय नागरिकों की संतुष्टि पर ही अधिक निर्भर होगी। इस बार सिटीजन फीडबैक के सवाल बदले जाएंगे। इसमें हर क्षेत्र के लोगों से उनकी राय पूछी जाएगी। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी बात रख सकेंगे। जिसमें बगीचा, दुकानदारों, होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला से, एजुकेशन इंस्टीट्यूट, रेस्टोरेंट, सरकारी या प्राइवेट आफिस आदि से जुड़े लोगों से फीडबैक लिया जाएगा।

- ओडीएफ सॢटफिकेशन भी होगा कठिन

शहर को ओडीएफ सर्टिफिकेट दिलाने के लिए इस बार नगरीय निकायों को पहले की तुलना में अधिक मेहनत करनी होगी। ओडीएफ का प्रारूप क्या होगा, यह अभी नहीं बताया गया है। इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन अगले सप्ताह आने की संभावना है। वहीं ओडीएफ, ओडीएफ प्लस, वाटर प्लस, स्टार रेटिंग आदि के लिए अलग मेहनत करनी होगी।------

Mrigendra Singh Reporting
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