शहरवासियों को टैक्स का झटका, सात प्रतिशत बढ़ेगा अधिभार, यहां जानिए कौन होगा प्रभावित

शहरवासियों को टैक्स का झटका, सात प्रतिशत बढ़ेगा अधिभार, यहां जानिए कौन होगा प्रभावित
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Mrigendra Singh | Updated: 14 Jul 2019, 03:35:16 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India


- मेयर इन काउंसिल ने प्रस्ताव परिषद की स्वीकृति के लिए भेजा
- पूर्व में परिषद ने तकनीकी कारणों से लौटा दिया था प्रस्ताव

 


रीवा। शहर में होने वाले विकास कार्यों का बजट पेश करते समय नगर निगम ने कोई नया करारोपण नहीं किया था लेकिन अब जोर का झटका धीरे से देने की तैयारी की गई है। संपत्तिकर की राशि समय पर जमा नहीं करने वालों पर सात प्रतिशत अधिभार लगाया जाएगा। मतलब यह कि एक हजार रुपए का टैक्स समय नहीं दिया तो अधिभार के 70 रुपए और देने होंगे। मेयर इन काउंसिल ने इसकी अनुमति दे दी है, अब नगर निगम की परिषद की बैठक में इसे रखा जाएगा। एक बार पहले भी यह प्रस्ताव लाया गया था लेकिन तकनीकी कमियों का हवाला देते हुए परिषद ने इस प्रस्ताव को अमान्य कर दिया था। शहर में स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, अग्निशमन सहित अन्य कार्यों के लिए राजस्व की समस्या का हवाला देते हुए नगर निगम ने फिर से प्रस्ताव को मेयर इन काउंसिल के सामने पेश किया। जहां से इसकी अनुमति दे दी गई है, अब परिषद इस पर निर्णय करेगी। शासन ने भी नियम जारी किया है कि समय पर टैक्स की राशि जमा नहीं करने वालों से अधिभार वसूला जाए। रीवा नगर निगम में अब तक अधिभार वसूलने का नियम नहीं था।

- नवंबर से एक प्रतिशत और बढ़ेगा अधिभार
एमआइसी द्वारा पारित किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 201-20 में 31 अक्टूबर के पहले तक संपत्तिकर नहीं जमा करने पर सात प्रतिशत अधिभार लिया जाएगा। इसके बाद एक नवंबर से इसमें एक प्रतिशत की और वृद्धि हो जाएगी। उन बकायादारों से यह राशि वसूल की जाएगी जो निगम का टैक्स जमा करने के लिए समय पर नहीं पहुंचते हैं। एक नवंबर के बाद मासिक अधिभार वसूला जाएगा।

- क्षेत्र के हिसाब से तय होगा नया टैक्स
टैक्स की दर शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में अलग होगी। इसके लिए वार्डवार दर निर्धारित की गई है। वार्ड क्रमांक तीन से लेकर क्रमश: वार्ड 28 तक और वार्ड 32 एवं 33 में पक्के छत वाले मकानों में व्यवसायिक दर 60 रुपए वर्गफिट, आवासीय दर 25 रुपए प्रति वर्गफिट निर्धारित की गई है। सीमेंट या लोहे की चद्दर, मार्बल टाइल्स आदि के मकानों में व्यवसायिक 40 और आवासीय 20 रुपए प्रति वर्गफिट, आंशिक पक्के या फिर क"ो मकानों में व्यवसायिक 30 रुपए और आवासीय 15 रुपए वर्गफिट की दर से टैक्स लेने का निर्धारण किया गया है। इसमें बाजार क्षेत्र के मकानों को छोड़ा गया है, उसमें अलग दर प्रभावी होगी। इसी तरह वार्ड 29,30, 31 एवं वार्ड 34 से क्रमश: वार्ड 45 तक व्यवसायिक दरें 20 से 40 रुपए तक और आवासीय दर से 20 रुपए तक निर्धारित किया गया है। वार्ड एक और दो में अधिकांश ग्रामीण एरिया है, इसलिए यहां की व्यवसायिक दरें 15 से 30 रुपए तक और आवासीय आठ रुपए से 15 रुपए तक निर्धारित हैं।

- शहर में 16 व्यवसायिक जोन निर्धारित
संपत्तिकर सहित निगम के अन्य कर वसूलने के लिए 16 व्यवसायिक जोन निर्धारित किए गए हैं। इनकी व्यस्तता के अनुसार दरों का भी निर्धारण किया गया है। सबसे अधिक टैक्स जिन क्षेत्रों से वसूला जाएगा उसमें मार्तण्ड कांप्लेक्स, लक्ष्मी मार्केट, अंबेडकर बाजार, दीप काम्पलेक्स, अपना बाजार, वेंकट बाजार आदि क्षेत्र में व्यावसायिक दर 120 रुपए और आवासीय 35 रुपए निर्धारित की गई है। इसके अलावा गल्लामंडी, तानसेन काम्पलेक्स, जयस्तंभ से ट्रांसपोर्ट नगर तक, गोलपार्क, रेवांचल बस स्टैंड एरिया, सिरमौर चौराहा से जनता कालेज मोड़, सिरमौर चौक से नीम चौराहा तक, ङ्क्षसधी चौक से गुलबसिया चौक, प्रकाश चौराहा से गुलबसिया चौक तक व्यवसायिक 100 रुपए एवं आवासीय 30 रुपए निर्धारित है। सिरमौर चौराहा से अस्पताल चौराहा-गुढ़ चौराहा तक, कालेज चौराहा से शिल्पी प्लाजा तक, जयस्तंभ से रतहरा पेट्रोल पंप तक व्यवसायिक 110 रुपए वर्गफिट और आवासीय 30 रुपए है। औद्योगिक क्षेत्र उद्योग विहार में 80 रुपए की दर से व्यवसायिक दर निर्धारित है।

समेकित कर में भी 60 रुपए की होगी वृद्धि
समेकित कर की दरों में बीते 22 वर्षों से कोई वृद्धि नहीं की गई है। अब तक नगर निगम सामान्य स्व'छता उपकर, सामान्य प्रकाश कर, सामान्य अग्रिकर की समेकित राशि 180 रुपए प्रति भवन प्रति वर्ष 1997-98 वसूल की जा रही है। इस पर 60 रुपए की वृद्धि करते हुए 240 रुपए किया गया है।
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छूट देने के मामले में घिरा है निगम प्रशासन
संपत्तिकर में अधिभार नहीं लगाने और बकाया राशि में छूट देने के मामले में नगर निगम प्रशासन घिरा हुआ है। इसकी जांच के लिए सरकार ने एक टीम गठित की थी, जो दस्तावेज लेकर चली गई है। इसमें महापौर ममता गुप्ता, तीन पूर्व आयुक्त कर्मवीर शर्मा, शैलेन्द्र शुक्ला, आरपी सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कार्रवाई शासन के स्तर पर लंबित है, कभी भी इस पर सरकार अपना निर्णय दे सकती है।

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