शिक्षक ने फंड जुटाकर शुरू किया स्मार्ट क्लास, पढऩे आ रही निजी स्कूल की भी छात्राएं

कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिछिया में नवाचार, शिक्षक का प्रयास देख गांव के लोग भी मदद के लिए आए आगे

रीवा. सरकार से फंड मिलने के बाद भी जहां एक ओर एक्सीलेंस स्कूल में स्मार्ट क्लास बंद पड़ी है। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक स्वयं फंड जुटाकर स्मार्ट क्लास लगा रहे हैं। शिक्षक का यह प्रयास देख दान दाताओं ने भी आगे आकर मदद की। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस सरकारी स्कूल की पढ़ाई का स्तर देखकर अब निजी विद्यालयों से भी बच्चियां यहां पढऩे आ रही हंै। निरीक्षण के दौरान स्कूल पहुंचे डीपीसी भी शिक्षक का यह नवाचार देखकर कर हतप्रभ रह गए है।

पूर्व माध्यमिक कन्या शाला बिछिया में प्रधानाध्याक संदीप भल्ला बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहते है। इसके लिए उन्होंने स्वंय और विद्यालय स्टॉफ और स्थानीय लोगोंं से मदद लेकर बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की है। इस स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर, माइक व एलइडी टीवी लगाकर बच्चों को गणित, अंग्रेजी और अन्य विषय पढ़ा रहे हैं। यह प्रयास उन्होंने बच्चों को आसानी से पाठ को समझाने के लिए शुरू किया है जिसके बेहतर परिणाम भी सामने आए हैं।

यहीं कारण है कि इस विद्यालय में छात्राओं ने प्राइवेट स्कूल से निकलकर यहां प्रवेश कराया है। बुधवार को विद्यालय के निरीक्षण में पहुंचे डीपीसी ने पढ़ाई का स्तर एवं शिक्षक के इस प्रयास को देखकर भौचक रह गए है। इस दौरान प्रधानाचार्य ने बताया कि इस पद्धति से पढ़ाने से सुविधा होती है और छात्राएं ज्यादा प्रभावकारी ढंग से पाठ को याद रख पा रही है। इसमें विद्यालय के शिक्षकों ने भी सहयोग किया है।

मॉडल के रूप किया जाएगा प्रस्तुत
शहर के इस विद्यालय में पठन-पाठन व्यवस्था के नवाचार को देख इसकी जानकारी डीपीसी ने उच्च अधिकारियों को देकर पायलट प्रोजेक्ट के रुप में इसे शामिल करने बात कही है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बच्चों को पढ़ाने की यह दिलचस्पी चर्चा का विषय बनी हुई। इस नवाचार के लिए प्रधानाचार्य को प्रसंशा पत्र देने के साथ पुरस्कृत करने की बात कही गई है।

डीपीसी से बोले बस भवन पूरा कर दें
इस दौरान प्रधानाध्यपक ने डीपीसी सुधीर बांडा से कहा है विद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा मिशन के तहत भवन अूधरा पड़ा है। इसे पूरा करा दें, जिससे की छात्राओं को बैठने में सुविधा हो सके। साथ ही छात्राओं की सुरक्षा की दृष्टि से बाउंड्रीबाल का निर्माण कराने की बात भी रखी है।

इधर हस्ताक्षर बनाकर नदारद मिले प्रधानाध्यापक
वहीं सिरमौर तहसील अंर्तगत माध्यमिक शाला उमरी में प्रधानाचार्य हस्ताक्षर बनाकर नदारद मिले। डीपीसी ने चर्चा की तो शिक्षकों ने बताया कि प्राय: वह रोजना डाक सिरमौर लेकर जाते हंै। जबकि विद्यालय में भृत्य उपस्थित है। इसके बावजूद डाक का बहाना लेकर आएदिन स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं।

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Mahesh Singh Desk
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