कागजी प्रक्रिया में फंसी उपज की तौल, जिले में दस हजार किसानों को दोबारा मैसेज का इंतजार

कई केंद्रों पर उठाव नहीं होने से किसानों को समय से नहीं हो रहा भुगतान

By: Anil singh kushwah

Published: 24 May 2020, 01:29 AM IST

रीवा. जिले में अन्नदाता की गाढ़ी कमाई नियम-कायदे के पेंच में फंस गई है। लॉकडाउन और बेमौसम बारिश के चलते ज्यादातर किसानों की उपज समय से तैयार नहीं हो सकी। जिससे मैसेज भेजने के बाद भी केन्द्र पर किसान तौल के लिए नहीं पहुंचे। करीब दस हजार किसान ऐसे हैं जिनकी उपज तैयार नहीं थी और भोपाल से मैसेज आ गया। लेकिन तौल नहीं करा सके हैं। अधिकारियों ने दो दिन पहले किसानों को तौल के लिए छूट दी। जिसमें एक ही दिन में ८७ हजार क्विंटल की तौल हो गई। छूट का प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण ज्यादातर किसान केन्द्रों पर नहीं पहुंच सके।

अभी तक गेहूं की नहीं हो सकी है गहाई
जिले के नईगढ़ी तहसील क्षेत्र के सोनवर्षा गांव निवासी कालू प्रसाद पटेल के मोबाइल पर भोपाल से बीते आठ मई को मैसेज आया। उस समय गेहूं की गहाई नहीं हो सकी थी। बारिश के चलते गेहूं की फसल की कटाई नहीं हो सकी। कालू प्रसाद पटेल ने समिति प्रबंधक समेत अधिकारियों से तौल की गुहार लगाते रहे। लेकिन, गेहूं की तौल नहीं हो सकी। भोपाल से आए मैसेज में १०५ क्विंटल गेहूं की तौल के लिए आठ मई को सुबह १० बजे से दोपहर १.३० बजे के बीच सेवा सहकारी समिति कटरा-कोट केन्द्र बुलाया गया था। समित प्रबंधक ने कहा, दोबारा मैसेज आएगा, लेकिन नहीं आया। जानकारी दी गई है कि २६ मई के बाद तौल नहीं होगी। इसी तरह की समस्या से जिले में हजारों किसान जूझ रहे हैं।

केन्द्रों पर डंप तीस फीसदी गेहूं, तौल प्रभावित
जिले में परिवहनकर्ताओं और सहकारी समिति प्रभारियों की शिथिलता के चलते केन्द्रों पर तीस फीसदी गेहूं डंप है, जिससे तौल प्रभावित हो गई है। जिला मुख्यालय पर स्थित खैरा खरीद केन्द्र पर पांच हजार क्विंटल से अधिक बोरियां खुले आमसान के नीचे पड़ी हैं। सैकड़ों बोरियों की सिलाई भी नहीं हुई है। बोरियों की थप्पी नहीं लगी होने से परिवहनकर्ता उठाव नहीं कर रहे।

Anil singh kushwah Desk
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