शहर में नहीं है पाथ वे, सड़कों पर धक्के खाते पैदल चल रहे लोग जानिए क्यों

शहर में नहीं है पाथ वे, सड़कों पर धक्के खाते पैदल चल रहे लोग जानिए क्यों
The city does not have paths, people walking on the streets

Lok Mani Shukla | Updated: 14 Jul 2019, 01:30:03 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

शहर सरकार व जनप्रतिनिधियों ने भी जताई चिंता

रीवा। तीन लाख की आबादी वाले शहर में पैदल चलने वालों के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। परिणाम स्वरुप शहर की सड़कों पर पैदल चलने वाले धक्के खाते चल रहे शहर सरकार व जनप्रतिनिधियों ने भी जताई चिंता । हैरान करने वाली बात यह है कि इस ओर शहर सरकार के प्रतिनिधियों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। लेकिन अब सड़क में लगातार वाहनों के बढ़ते दबाव से आम आदमी का सड़क में चलना असुरक्षित हो गया है। ऐसे में अब सुरक्षित यातायात के लिए पाथ-वे के निर्माण की मांग उठ रही है। इससे जहां पैदल चलने वालों सुरक्षित रहेंगे वहीं जाम व अतिक्रमण की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी।
परिवहन विभाग के आकड़े बताते है कि पिछले पांच सालों ५ लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हुए हैं और प्रतिवर्ष एक लाख तक वाहन नए पंजीकृत हो रहे हैं। ऐसे में शहर की सड़कों में वाहनों का दबाव बढ़ गया है। जिससे शहर में पैदल चलने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इतना ही नहीं शैक्षणिक संस्थानों में पैदल जाने वाले बच्चे भी असुरक्षित हैं। इसलिए शहर की सड़कों पर पाथ-वे बने तो बात बने।
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शहर के प्रमुख मार्ग, जहां है पाथ-वे की जरूरत
- कालेज चौराहा से राजनिवास मार्ग
- कालेज चौराहा से सिरमौर चौराहा
- सिरमौर चौराहा से सुभाष चौक व बोदाबाग
- सिरमौर चौराहा से न्यू बस स्टैंड व समान
- सिरमौर चौराहा से अस्पताल चौराहा
- अस्पताल चौराहा से धोबिया टंकी
- कॉलेज चौराहा से प्रकाश चौराहा
-मृगनयनी से कलामंदिर रोड अस्पताल चौराहा
- अस्पताल चौराहा से स्टेच्यू चौराहा
- स्टेच्यू चौराहा से जय स्तंभ
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पाथ-वे बने से यह होगा फायदा-
शहर के उपरोक्त १० मार्गों पर ही प्रमुख शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल एवं मुख्य बाजार है। इन सड़कों में पाथ- वे का निर्माण होने के बाद लोगों को आवागमन में सुगमता तो होगी। वहीं इन मार्गों से अतिक्रमण की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिल सकेगी। अभी इन मार्गों में नगर निगम व यातायात पुलिस को अतिक्रमण हटाने में पसीने छूट जाते हैं। इसके बाद पुन: व्यापारी अतिक्रमण कर लेते हैं। इसके अलावा दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
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अभी यह है स्थिति -
शहर की इन १० प्रमुख मार्गों में अभी सड़क तक दुकानें लगी रहती है। इसके बाद जो स्थान बचता है उसमें दुकान में आने वाले उपभोक्ताओं के वाहन खड़े हो जाते हंै। ऐसे में पैदल चलने वाले रहगीरों को सड़क में चलना पड़ता है। इन सड़कों में सबसे अधिक ऑटो व दो पहिया वाहन चलते है। इसके बाद पच्चीय फीसदी छोटे चार पहिया वाहनों का दबाब है।
वाकिंग जोन में नहीं है फुटपाथ-
शहर में सुबह मार्निग वॉक करने कॉलेज चौराहा से राज निवास मार्ग तक नो-व्हीकल जोन बनाया गया है। इसके पीछे वजह है इस मार्ग में पाथ-वे का नहीं होना है। पाथ-वे नहीं होने के कारण सुबह व शाम सैर करने वाले लोगों को वाहनों की दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वर्तमान में सुबह यहां ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहता है लेकिन इसके बाद भी समस्या हल नहीं होती है। अकेले इस मार्ग में शहर के तीन महाविद्यालय ठाकुर रणमत सिंह, मॉडल साइंस एवं न्यू साइंस महाविद्यालय है। यहां प्रतिदिन बीस हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं। इनमें 60 फीसदी से अधिक छात्र इस मार्ग से पैदल गुजरते हैं। इस मार्ग से जिले के प्रमुख अधिकारियों के आवास होने के बावजूद पाथ-वे बनानेे की पहल नहीं की गई है। जबकि पाथ-वे बन जाने से काफी सुगमता

 

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