धरती को खोखला कर रहे अवैध क्रेशर, खनिज एवं वन विभाग ने माफिया से मिलाया हाथ

रीवा जिले के पनगड़ी, सोहागी, हनुमना, हाटा, बनकुइंया आदि क्षेत्र को उत्खनन कर्ताओं ने पूरी तरह से खोखला कर दिया है।

By: Mahesh Singh

Published: 06 Jun 2018, 12:17 PM IST

 

रीवा. जिले में धड़ल्ले से अवैध रूप से के्रशर संचालित हो रहे हैं। लेकिन विभागीय सांठगांठ होने के कारण उनपर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कई बार शिकायतों के वाबजूद कार्रवाई मात्र कागजों तक ही सीमित हैं। रीवा जिले के ग्राम पनगड़ी में के.स्टार नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सहित अन्य द्वारा क्रेशर लगाया गया है। जिसके द्वारा खनिज, वन एवं पर्यावरण के नियमों के विपरीत जाकर उत्खनन तो किया ही है साथ ही वहां आसपास रहने वाले रहवाशियों को भी संकट है। न तो प्रदूषण रोकने के कोई सार्थक उपाय किये गए हैं और न ही खनिज नियमों का पालन किया जा रहा है। जिस रकबे में खुदाई की गई है वहां खाईं बन गई है और उसमें सही तरीके की बाउंड्री भी नहीं बनाई गई है।


उत्खनन क्षेत्र और क्रेशर प्लांट के नजदीक सैकड़ों की आबादी है जिसके कारण जब भी क्रेशर में पत्थर और गिट्टी तोडऩे का कार्य होता है तो डस्ट उडक़र घरों में आती है जिससे लोगों को सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बना रहता है। ग्राम पंचायत पनगड़ी के सरपंच एवं उपसरपंच सहित अन्य लोगों द्वारा इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है। लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कार्रवाई नहीं की जा रही है। खनिज विभाग पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।


माफिया ने क्षेत्र को किया खोखला
जिले के पनगड़ी, सोहागी, हनुमना, हाटा, बनकुइंया आदि क्षेत्र को अवैध और वैध दोनों तरह के उत्खनन कर्ताओं ने पूरी तरह से खोखला कर दिया है। यहां पत्थर बहुतायत में है लेकिन यह क्षेत्र जंगल के पूरी तरह के करीब बसा हुआ हैं जो 250 मीटर के भी दायरे में आता है। जिसका तात्पर्य यह हुआ की इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के उत्खनन के लिए आसानी से लीज नहीं दी जा सकतीण। परंतु जिस प्रकार से पिछले कुछ वर्षों में खनिज विभाग ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से मिलकर लीज देने का काम किया है इससे पता चलता है की आम जनता के स्वास्थ्य और वन एवं पर्यावरण की उनको फिक्र नही है।


आम रास्ता और झरना समाप्त
सिरमौर तहसील के पनगड़ी बीट के जंगलों की तरफ एवं प्राचीन महादेवन शिवधाम की तरफ जाने वाले रास्ते को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। अब वहां पर पैदल चलना भी मुश्किल है। इसी प्रकार वहीं पास में नाला और झरना था जो अनियंत्रित और अवैध ब्लास्टिंग की वजह से बंद हो चुका है। वहां पर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई और ***** व हिरण आदि का शिकार भी बढ़ गया है। लेकिन जिम्मेदार विभाग एवं प्रशासन कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।

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