सूचना आयोग ने सुनवाई से गायब रहने वाले अफसरों पर की कार्रवाई, यहां जानिए किस बड़े अधिकारी को देना होगा जवाब

सूचना आयोग ने सुनवाई से गायब रहने वाले अफसरों पर की कार्रवाई, यहां जानिए किस बड़े अधिकारी को देना होगा जवाब
The Information Commission has taken action against officers in rewa

Mrigendra Singh | Publish: Jul, 26 2019 12:29:25 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

 

आयोग की सुनवाई से गायब क्षेत्रीय प्रबंधक को नोटिस, 25 हजार लगेगा जुर्माना
- राज्य सूचना आयुक्त ने एमपीआरडीसी के मुख्य महाप्रबंधक को बनाया डीम्ड पीआइयू



रीवा। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगे जाने पर हीलाहवाली करने और सुनवाई में उपस्थित नहीं होने वाले अधिकारियों के लिए राज्य सूचना आयुक्त ने बड़ा संदेश दिया है। गत दिवस रीवा के मामलों की सुनवाई के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग राज्य सूचना आयुक्त ने की थी। जिसमें कई प्रकरणों का निराकरण किया गया था। एमपीआरडीसी के कई मामले सुनवाई में लगे थे लेकिन कार्यालय की ओर से कोई भी सुनवाई में नहीं पहुंचा। इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए आयोग ने कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी की है।

एमपीआरडीसी के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को नोटिस दी गई है। जिसमें कहा गया है कि अधिनियम के तहत निर्धारित कर्तव्यों की अवहेलना के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(१) एवं 20(२) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी की जा रही है। इस धारा के तहत जारी की गई नोटिस में सही कारण नहीं बताए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारी को 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

बताया गया है कि अपीलार्थी अरुण सिंह निवासी विश्वविद्यालय मार्ग ने पांच बिन्दुओं की जानकारी मांगी थी। जिसमें सड़कों के निर्माण के कार्यादेश, अधूरा कार्य छोडऩे वाले निविदाकारों पर कार्रवाई की प्रतियां, सड़क निर्माण के चलते हटाए गए हैंडपंपों से जुड़ा ब्यौरा उपलब्ध कराने के लिए कहा था। दो वर्ष से अधिक समय तक जानकारी देने में एमपीआरडीसी के अधिकारियों की ओर से आनाकानी की गई, जिसके चलते राज्य सूचना आयोग में अपील दायर की गई थी। सुनवाई में विभाग की ओर से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था।


- मुख्य महाप्रबंधक से सात दिन में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा
राज्य सूचना आयुक्त ने मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एमपीआरडीसी भोपाल के मुख्य महाप्रबंधक रत्नाकर झा को डीम्ड पीआइयू बनाया है। जिसमें निर्देशित किया है कि आदेश प्राप्त होने के सात दिन के भीतर चाही गई जानकारी उपलब्ध कराएं। अब लोक सूचना अधिकारी की पूरी जवाबदेही मुख्य महाप्रबंधक की होगी। यदि वह समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराते तो वह नियम उन पर भी लागू होंगे जो एमपीआरडीसी रीवा के क्षेत्रीय कार्यालय के लोकसूचना अधिकारी पर लागू होते हैं। साथ ही अपीलार्थी से कहा है कि १५ दिन के भीतर उनके पास तक जानकारी उपलब्ध नहीं होती तो इसकी सूचना आयोग को उपलब्ध कराएं ताकि विभाग के अधिकारियों पर आगामी कार्रवाई प्रस्तावित की जा सके।


- क्षेत्रीय प्रबंधक की व्यक्तिगत सुनवाई पांच को
राज्य सूचना आयुक्त ने आदेश में यह भी कहा है कि एमपीआरडीसी रीवा के क्षेत्रीय प्रबंधक की व्यक्तिगत सुनवाई इस मामले में पांच अगस्त को होगी। जिसमें उन्हें अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। इसके साथ ही संभागायुक्त एवं कलेक्टर को पत्र लिखकर इस घटनाक्रम से सूचित किया गया है और कहा गया है कि वह अपने स्तर पर सूचना का अधिकार अधिनियम के मामलों में गंभीरता से कार्रवाई की व्यवस्था बनाएं।
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रीवा के 30 मामलों की सुनवाई हुई थी, जिसमें एमपीआरडीसी के भी कई मामले थे। कोई अधिकारी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ, इसलिए नोटिस जारी की गई है। साथ ही डीम्ड पीआइयू अब भोपाल के मुख्य महाप्रबंधक को बनाया गया है।
राहुल सिंह, राज्य सूचना आयुक्त

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