मनरेगा में पंचायत अमले की नहीं चलेगी मनमानी, लापरवाही पर कसेगा शिकंजा

पंचायत स्तर पर ऑनलाइन तैयार किए जाएंगे एस्टीमेट, टीएस और एएस

By: Anil kumar

Published: 04 Jun 2019, 06:46 PM IST

रीवा/गंगेव. मनरेगा में अब कर्मचारियों की मनमानी एक नहीं चलेगी। सबकुछ नहीं व्यवस्था के तहत हुआ तो विकास कार्यों के क्रियान्वयन में गड़बडी नहीं होगी। इसके लिए सरकार ने सिक्योर साफ्टवेयर की नई व्यवस्था लागू कर दी है। इस व्यवस्था में मनरेगा के कार्यों का स्टीमेट, टीएस और एएस मेन्युअल के बजाए ऑनलाइन होंगे। नई व्यवस्था के तहत ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास की ओर से अमले को सिक्योर साफ्वेयर के प्रशिक्षण के लिए ब्लाक स्तर पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है।

साफ्टवेयर से रखी जाएगी नजर
जिले के गंगेव जनपद में आयोजित सिक्योर साफ्वेयर कार्यशाला में मनरेगा कर्मचारियों सहित पंचायत अमले को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान सिक्योर साफ्टवेयर के पद्धति की बारीकियां बताई गईं। इस दौरान मनरेगा के तहत पंचायत स्तर पर एस्टीमेट, टीएस एवं एएस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया में ही करना होगा।पंचायत स्तर पर कार्यों का चयन प्राथमिकता के आधार पर करके मनरेगा पोर्टल पर वर्ककोड जनरेट किया किया जाएगा।इसके बाद सिक्योर साफ्टवेयर में उपयंत्री को लॉगिन करना होगा। उपयंत्री के द्वारा ऑनलाइन एस्टीमेट तैयार कर तकनीकि स्वीकृति (टीएस) सेंड करेगा। इसके बाद पंचायत स्तर पर सरपंच व सचिव के द्वारा पंचायत की यूजर आइडी से प्रशासनिक स्वीकृत (एएस) करना होगा।इस व्यवस्था से काम में देरी करने वालों की निगरानी हो सकेगी।कार्य का एस्टीमेट से लेकर टीएस और एएस में देरी नहीं होगी। लापरवाह कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए सिक्योर साफ्टवेयर नजर रखेगा।जिले में ब्लाक स्तर पर कर्मचारियों को सिक्योर साफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले के हर जनपद स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

गंगेव में प्रशिक्षण के दौरान ये रहे मोजूद
गंगेव जनपद में प्रशिक्षण के दौरान जनपद सीइओ संजीव तिवारी, सहायक यंत्री मनीषा मिश्र, एपीओ सुनीता शुक्ला, एपीओ बसंत पटेल सहित अंजनी पांडेय, मानचित्रकार अभय पटेल सहित उपयंत्री, सरपंच, सचिव आदि कर्मचारी रहे।

Anil kumar Reporting
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