सहकारी बैंक की सभी ब्रांचों में 15 जनवरी से 39 दिनों तक बंद रहेगा लेनदेन, जानिए क्यों ?

सहकारी बैंक की सभी ब्रांचों में 15 जनवरी से 39 दिनों तक बंद रहेगा लेनदेन, जानिए क्यों ?

Balmukund Dwivedi | Publish: Jan, 14 2019 06:59:39 PM (IST) | Updated: Jan, 14 2019 06:59:40 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

कर्ज माफी योजना की सूची तैयार कराने कर्मचारियों की पंचायतों में लगाई गई ड्यूटी

रीवा। जिला सहकारी बैंक की सभी ब्रांचों में 15 जनवरी से लेनदेन का काम ठप हो जाएगा। बैंक के कर्मचारियों की ड्यूटी कलेक्टर ने कर्जमाफी की सूची तैयार कराने के लिए पंचायतों में लगा दी है, इसकारण संबंधित पंचायतों में हर दिन बैंक के कर्मचारी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह ड्यूटी आगामी 22 फरवरी तक के लिए लगाईगई है। प्रदेश सरकार ने किसानों की कर्जमाफी का बड़ा कदम उठाया है, इसे प्राथमिकता में लिया जा रहा है, इसीलिए सभी ब्रांचों के कैशियर, कम्प्यूटर आपरेटर, सुपरवाइजर आदि की ड्यूटी लगा दी गईहै। रीवा जिले में बैंक की 21 ब्रांचें काम कर रही हैं। जिनमें 15 जनवरी से 22 फरवरी तक न तो रुपए जमा हो पाएंगे और न ही ग्राहक रुपए निकाल सकेंगे। कलेक्टर के निर्देश के चलते बैंक के सीइओ ने सभी ब्रांचों के कर्मचारियों को आदेशित किया है कि जिन स्थानों के लिए उनकी ड्यूटी लगाईहै, वहां पहुंचें और कर्जमाफी योजना के कार्य को गंभीरता संपन्न कराएं। एक ओर किसानों के लिए ही बड़ी सौगात देने की योजना सरकार ने शुरू की है, वहीं इसी की वजह से किसानों को समस्या होने की भी आशंका है। बताया गया है कि जिला प्रशासन ने इस कार्य के लिए कई विभागों के कर्मचारियों को लगाया है और इसका सुपरवीजन अधिकारियों की टीम करेगी। मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि कर्जमाफी में किसी तरह की लापरवाही की सूचना मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस वजह से प्रशासनिक अधिकारी भी कोईरिश्क नहीं लेना चाह रहे हैं और बैंक के कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थिति रहने का निर्देश जारी कर दिया है।

कैशियर की अनुपस्थित में लेनदेन रहेगा ठप
सहकारी बैंक ने सभी ब्रांचों में दो यूजर आइडी दे रखी है। जिसमें कैशियर एक से राशि जमा या निकालने के लिए कार्यवाही करता है और ब्रांच मैनेजर दूसरी आईडी से इसे स्वीकृत करता है। ऐसे में कैशियर की अनुपस्थिति में लेनदेन नहीं हो पाएगा। ब्रांच मैनेजरों की ड्यूटी नहीं लगाईगई है। यह बैंक में हर दिन उपस्थिति दर्जकराएंगे लेकिन बैंकिंग का काम नहीं करेंगे। ऐसे में ग्राहकों के गुस्से का सामना भी इन्हें ही करना पड़ेगा।

धान खरीदी के भुगतान की प्रक्रिया रुकेगी
जिन किसानों के सहकारी बैंक में खाते हैं, उन्हें धान बिक्री के रुपए लेने में समस्या उत्पन्न होगी। जानकारी मिली है कि सभी ब्रांचों में औसतन २० लाख रुपए हर दिन के हिसाब से धान खरीदी की राशि किसानों को नकद दी जा रही है। इतने के करीब ही राशि आनलाइन प्रक्रिया के तहत दूसरे खातों को भेजी जा रही है। बैंक के ब्रांचों में कर्मचारियों की गैर मौजूदगी के चलते ये कार्य बंद रहेंगे और किसानों की भीड़ ब्रांचों में जुटने की संभावना जताई जा रही है।

प्रयास होगा कि कामकाज प्रभावित न हो
आरएस भदौरिया, सीइओ जिला सहकारी बैंक ने बताया कि कर्ज माफी महत्वपूर्ण कार्य है, जिसमें दूसरे कई विभागों की भी ड्यूटी कलेक्टर के निर्देश पर लगाई गई है। धान खरीदी में कामर्शियल बैंकों का खाता अधिकांश कृषकों ने दे रखा है, इसलिए उन्हें आनलाइन भुगतान हो रहा है। सहकारी बैंक के ब्रांचों में इनकी संख्या कम है। प्रयास होगा कि कामकाज प्रभावित न हो, वैकल्पिक व्यवस्था ग्राहकों के लिए बनाई जाए।

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