दो रुपए नकद लेने के बदले बैंक भेजने पर लगा दो हजार का जुर्माना

दो रुपए नकद लेने के बदले बैंक भेजने पर लगा दो हजार का जुर्माना

By: Bajrangi rathore

Published: 27 Nov 2019, 10:25 PM IST

रीवा। मप्र के रीवा जिले में जलसंसाधन विभाग के कर्मचारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम की अवहेलना करना भारी पड़ गया है। इस मामले की शिकायत राज्य सूचना आयोग में की गई, जहां से आयोग ने विभाग की इस लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की है और मुख्य अभियंता गंगा कछार को निर्देशित किया है कि इस मनमानी पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई करें।

साथ ही अपीलकर्ता को बतौर मुआवजा दो हजार रुपए का भुगतान किया जाए। लोक सूचना अधिकारियों से भी जवाब तलब किया गया है। बताया गया है कि गत दिवस मनोज कुमार दुबे नाम के आवेदक ने राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह को टैग करते हुए एक वीडियो ट्वीट किया था। जिसमें जलसंसाधन विभाग का कर्मचारी आवेदन पर जानकारी देने के लिए दो रुपए जमा कराने की बात कर रहा था।

उक्त राशि नकद लेने के बजाय वह केवल स्टेट बैंक आफ इंडिया से चालान के रूप में जमा करने की बात पर अड़ा रहा। जबकि नकद राशि जमा कराने का भी नियम है। कर्मचारी ने कहा कि कार्यालय में रसीद नहीं छपी है। आयुक्त ने संज्ञान लेते हुए कहा था कि इस पर शिकायत आएगी तो कार्रवाई करेंगे।

जिस पर आवेदक ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। जहां पर सुनवाई करते हुए आयोग ने कई सख्त निर्देश दिए हैं। अपर पुरवा नहर संभाग के कार्यपालन यंत्री कार्यालय में पदस्थ बाबू सोहनलाल यादव द्वारा इस तरह का वक्तव्य दिए जाने पर गंगा कछार के मुख्य अभियंता से कहा है कि विभागीय जांच कराएं। साथ ही अपीलकर्ता को इस तरह परेशान किए जाने के बदले दो हजार रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

23 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

इस मामले में आयोग द्वारा दिए गए निर्देश पर अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। जिसमें आरटीआई के तहत जानकारी मांगने वाले आवेदक को परेशान करने वाले बाबू के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और मुआवजा की राशि आवेदक को देने के संबंध में प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।

लोक सूचना अधिकारियों को भी नोटिस

गोविंदगढ़ में जलसंसाधन विभाग से जुड़ी जानकारी के लिए आवेदक ने मुख्य अभियंता गंगा कछार कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी को आवेदन दिया था। जहां से अपरपुरवा नहर संभाग पत्र भेज दिया गया। इस कार्यालय में ही आरटीआई की खुले आम अवहेलना की गई।

इस वजह से राज्य सूचना आयोग ने गंगा कछार कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी और अपर पुरवा नहर संभाग कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

दोनों अधिकारियों की ओर से अपने दायित्व का ठीक से पालन नहीं किया गया। जिसके चलते आयोग ने पूछा है कि क्यों न आपके विरुद्ध 7500-7500 रुपए का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाए। सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।

यह जानकारी मांगी थी आवेदक ने

आवेदक ने जो जानकारी मांगी थी, वे केवल एक ही पेज में दी जा सकती थी। जिसमें पूछा गया था कि रीवा जिले के गोविंदगढ़ में जलसंसाधन का कार्यालय है कि नहीं। गोविंदगढ़़ तालाब कार्यालय में कुल कितने पद स्वीकृत हैं, वहां पदस्थ कर्मचारियों का नाम, पद और पता पूछा गया था।

विभाग की ओर से आवेदक से एक पेज की जानकारी के लिए दो रुपए जमा करने के लिए कहा गया था। जब दो रुपए वह जमा कराने पहुंचे तो नकद लेने के बजाय बैंक भेजने की बात कही गई।

Bajrangi rathore Desk
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