बेखौफ माफिया...रीवा में मझौली-व्योहारी से रेत का अवैध परिवहन, 1000 घन मीटर से ज्यादा का कारोबार

प्रदेश के मुखिया के चेतावनी के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार, हनुमना में कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर बैरंग लौटे

By: Rajesh Patel

Published: 02 Jun 2020, 08:00 AM IST

रीवा. जिले में रेत का अवैध परिवहन और भंडारण का कारोबार बेखौफ जारी है। जिम्मेदार प्रदेश के देवास में जवानों से मारपीट और टीकमगढ़ में एसडीएम पर ट्रैक्टर चढ़ाने के प्रयास को लेकर भी नहीं जागे। शहर में सीधी, व्योहारी, शहडोल और उमरिया से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध कारोबार चल रहा है। जिले में सबसे अधिक रेत मझौली से आ रही है। शहर में प्रतिदिन एक हजार घन मीटर से ज्यादा रेत का परिवहन किया जा रहा है। बावजूद इसके जिला टॉस्क फोर्स कमेटी हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

मुख्यमंत्री के दखल के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की चेतावनी के बाद भी जिले के आला अफसर कार्यालय में बैठे हुए हैं। कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। जिला मुख्यालय पर शहर में रेत के अधिकतर भंडारण अवैध हैं। ज्यादातर कारोबारी कथित निर्माण की आड़ में रेत का अवैध भंडारण किए हुए हैं। कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें खनिज कार्यालय कहने को भंडारण का लाइसेंस दिया है। लेकिन, रेत कहां से आ रही है। लीगल है या नहीं इसकी जांच नहीं की जा रही है।

बेखौफ चल रहा है रेत का कारोबार
शहर में भंडारण करने वाले ज्यादातर कारोबारियो के पास पिटपास की पावती तक नहीं है। शहर में अफसरों की नाक के नीचे बेखौफ रेत, गिट्टी का कारोबार चल रहा है। शहर में सबसे ज्यादा नया बस स्टैंड, रिंगरोड, बायपास, शिल्परा, चोरहटा, कोष्ठा, बोदाबाग, यूनिवर्सिटी रोड, सगरा, इटौरा आदि जगहों पर रेत का भंडारण किया गया है। कारोबारी और अधिकारियों की साठगाठ इस कदर है कि रेत के अवैध कारोबार पर सवाल उठते ही रिपोर्ट में निर्माणाधीन कार्य दिखाकर कार्रवाई के नाम पर इतिश्री कर लेते हैं।
टमस में दर्जनभर जगहों पर रेत की निकास
जिले के तराई अंचल में टमस नदी में दर्जनभर से अधिक जगहों पर रेत की अवैध निकासी हो रही है। कुछ जगहों पर क्षेत्रीय अमला ने छिटपुट जगहों पर कार्रवाई कर इतिश्री कर ली। खनन अधिकारियों को सूचना दी गई है कि जवा के भडऱा, रंगौली, शितलहा घाट पर बेखोफ रेत की निकासी की जा रही है। इसी तरह जवा और त्योंथर के बीच आधा दर्जन से अधिक जगहों पर रेत निकाली जा रही है। चाकघाट के पूर्वी छोर में बेलन नदी की सीमा तक रेत का अवैध कारोबार चल रहा है।

माफिया की दबी फाइलें
जिले में हनुमना, त्योंथर, जवा, बनकुइंया, बेला, बैजनाथ, मनगवां सहित कई जगहो ंपर माफिया की फाइलें अधिकारियों की टेबल पर दबी हैं। अभी हाल में मनगवां में तीन माह पहले खनिज इंस्पेक्टर के चालक को एक रेत माफिया ने थप्पड़ जड़ दिया था। मामले में पुलिस ने स्थानीय थाना प्रभारी की कुर्सी छीन ली। लेकिन, मामले में शामिल कुछ को छोड़ दे तो ज्यादातर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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