बांधों का जलस्तर बढ़ा, बेलन नदी खतरे के निशान से चार मीटर दूर

जिले के तराई अंचल में उफान पर पहाड़ी नाले, कई गांवों में संपर्क मार्गो के रपटे पर जलजमाव से आवागमन प्रभावित, कइयो गांवों के संपर्क टूटने की बढ़ी संभावना, कलेक्टर ने तराई अंचल के टीम को किया सक्रिय

By: Rajesh Patel

Published: 13 Aug 2020, 09:48 AM IST

रीवा. सीमावर्ती क्षेत्र के बांधों का जलस्तर बढऩे से जिला प्रशासन ने तराई अंचल में अमले को सक्रिय कर दिया है। बकिया बराज और बीहर में जलस्तर बढऩे से चार-चार गेट खोल दिए गए हैं। त्योंथर में बेलन नदी में जलस्तर बढ़ गया। डीह में बेलन नदी खतरे के निशान से चार मीटर दूर है। कंट्रोलरूम के रेकार्ड के अनुसार बकिया बराज में 279.50 मीटर पर जलस्तर पहुंचने पर चार गेट खोल दिए गए। इसी तरह बीहर बराज में 278 मीटर पर पानी पहुंचते ही यहां पर भी चार गेट खोला गया। दोनों जगहों पर 25-25 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिससे इससे जुड़े नदियों में का जलस्तर बढ़ गया है।

24 घंटे के भीतर 50 मिमी से अधिक बारिश
बुधवार की रात से लेकर देरशाम तक झमाझब बारिश होने से जिले के पहाड़ी क्षेत्र में नदी-नाले में जलस्तर बढ़ गया। हुजूर और हनुमना क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश का रेकार्ड 2 से तीन इंच बारिश का दर्ज की गई है। त्योंथर समेत कई जगहों पर गांवों के संपर्क मार्गों पर बने रपटे पर जलजमाव से घंटों आवागमन बाधित रहा। त्योंथर के चाकघाट सोनौरी मार्ग सहित सोहागी क्षेत्र के पूर्वी व पश्चिमी क्षेत्र में पहाड़ी नाले ऊफान पर हैं।

टमस नदी का बढ़ा जलस्तर
टमस नदी में बढऩे लगा जलस्तर जिले के तराई अंचल में पटेहरा में टमस नदी का जलस्तर चार दिन के भीतर पांच मीटर बढकऱ 94.85 हो गया है। यहां खतरे का निशान 106.50 पर है। बेलन नदी में डीह पुल के पास खतरे के निशान से अभी चार मीटर दूर है। इस नदी में मेजा, अदवा और सिरसी डैम के गेट खुलने से जलस्तर बढऩे की संभावना रहती है।

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Rajesh Patel Reporting
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