शहर के मुख्य मार्ग की बदली जाएगी पेयजल सप्लाई लाइन, दस करोड़ होंगे खर्च


- रतहरा से चोरहटा तक सड़क निर्माण की वजह से पाइप सिफ्टिंग की तैयारी
- कुछ जगह पुरानी पाइप है तो कई जगह सड़क चौड़ीकरण के चलते हो रही है प्रभावित

By: Mrigendra Singh

Published: 30 Sep 2020, 10:28 AM IST



रीवा। शहर में पेयजल सप्लाई व्यवस्था के लिए एक बार फिर बड़ी रकम खर्च करने की तैयारी है। इस बार शहर के मुख्य मार्ग चोरहटा से लेकर रतहरा के बीच यह कार्य होगा। इनदिनों मॉडल रोड निर्माण का कार्य चल रहा है। जिसके चलते सड़क और नालियों का नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है।

जिसकी वजह से पानी सप्लाई की पाइपलाइन सड़क के नीचे आ गई है, जिसे बाद में मेंटेनेंस के लिए सड़क तोडऩे की जरूरत पड़ेगी। इसलिए नगर निगम ने अभी से योजना तैयार की है कि इस पाइपलाइन को सड़क के बाहर पटरी अथवा डिवाइडर में शिफ्टिंग करते हुए नए सिरे से बिछाया जाएगा। ताकि आने वाले दिनों में पाइपलाइन मरम्मत के लिए सड़क खोदने की आवश्यकता नहीं पड़े।

कार्ययोजना तैयार के बाद नगर निगम ने हाल ही में टेंडर भी जारी कर दिया है। ठेका प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर कार्य भी जल्द ही प्रारंभ करने की तैयारी है। बताया गया है कि अभी एक महीने का समय टेंडर के लिए आवेदन जमा करने के लिए दिया गया है। माना जा रहा है कि पहले आमंत्रण में ही ठेका हो सकता है। पूर्व में रीवा शहर का कार्य कई योजनाओं के तहत करने वाली सीएमआर कंपनी ने भी इच्छा जाहिर की है। इसके पहले मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना एवं अमृत योजना के तहत इस कंपनी ने काम किया है। कंपनी कर्मचारियों ने दावा किया है कि वह टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे और काम मिला तो जल्द पूरा भी करेंगे।

- एक साल के भीतर होगा पाइप शिफ्टिंग का कार्य
नगर निगम की योजना के मुताबिक एक साल के भीतर पाइपलाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा करना है। अभी सड़क निर्माण का भी कार्य होना बाकी है। रतहरा बायपास से लेकर चोरहटा बायपास तक यह कार्य होना है। पहले सड़क और उसके किनारे बनने वाली नाली का स्ट्रक्चर तैयार होगा इसके बाद ही पाइपलाइन का कार्य शुरू होगा। कुछ जगह जहां सड़क बन गई है वहां पर पाइपलाइन उसके नीचे हो गई है। साथ ही कई जगह पाइप के ऊपर नालियां भी बनाई जा रही हैं।

- पीडब्ल्यूडी से राशि की भरपाई कराएगा निगम
चोरहटा से लेकर रतहरा तक शहर के मुख्य मार्ग को माडल रोड प्रोजेक्ट के तहत पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग द्वारा निर्माण कराया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की वजह से नगर निगम की पाइपलाइन बाधित हो रही है। इसी के चलते कुछ दिन पहले ही नगर निगम ने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर उक्त पाइपलाइन की शिफ्टिंग के लिए राशि मुहैया कराने के लिए कहा था। जिस पर विभाग तैयार हो गया है और निगम को राशि देगा। इस कारण निगम ने 10.18 करोड़ रुपए की प्रारंभिक लागत का टेंडर भी जारी कर दिया है।

- फ्लाईओवर की वजह से ढाई करोड़ का नुकसान
शहर के समान तिराहे के पास बनाए जा रहे फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण की वजह से नगर निगम को बड़ा नुकसान हुआ है। निगम ने कुछ दिन पहले इसके लिए 2.45 करोड़ रुपए की भरपाई कराने के लिए पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग को नोटिस जारी किया था। इस राशि के साथ ही 8.96 करोड़ रुपए रतहरा से चोरहटा बायपास तक पाइपलाइन बिछाने में राशि खर्च होगी। जिसके चलते दोनों राशि मिलाकर दस करोड़ रुपए से अधिक का खर्च करने की तैयारी की जा रही है।

- हर महीने लाखों का हो रहा घाटा
पूर्व में नगर निगम के अधिकारियों ने बड़े कार्यों के दौरान इस ओर ध्यान नहीं दिया कि पाइपलाइन के मेंटेनेंस में कठिनाइयां भी आएंगी। जिसकी वजह से आए दिन पाइपलाइन में लीकेज एवं अन्य समस्याओं की वजह से शहर के प्रमुख सड़कों को खोदकर कार्य कराया जा रहा है। इस कार्य में नगर निगम को लाखों रुपए का आर्थिक घाटा हो रहा है। कुछ कार्य पाइपलाइन मेंटेनेंस का कार्य देख रही सीएमआर कंपनी से भी कराए जाते हैं।

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शहर में माडल रोड का निर्माण चल रहा है, जिसकी वजह से पेयजल सप्लाई लाइन सड़क के नीचे हो जाएगी और मेंटेनेंस के दौरान सड़क को तोडऩा पड़ेगा। इसलिए पीडब्ल्यूडी से चर्चा कर इस पाइपलाइन की शिफ्टिंग कराने की तैयारी की जा रही है। इसमें करीब दस करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है।
एसके चतुर्वेदी, कार्यपालन यंत्री नगर निगम
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Mrigendra Singh Reporting
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