विंध्य के 28 शहरों के क्लस्टर प्रोजेक्ट का मुख्यमंत्री करेंगे लोकार्पण, इन शहरों को मिलेगा लाभ

- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहडिय़ा में बनाए गए कचरा शोधन संयंत्र का लोकार्पण करेंगे

By: Mrigendra Singh

Published: 24 Jan 2021, 09:41 PM IST

रीवा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विंध्य क्षेत्र के शहरों के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे। 25 जनवरी को शाम 5.30 बजे एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजनान्तर्गत रायपुर कर्चुलियान के नजदीक पहडिय़ा में बनाये गये कचरा शोधन संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। इस योजना के तहत क्षेत्रीय एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डोर टू डोर कचरा एकत्रीकरण, परिवहन व प्रसंस्करण एवं निष्पादन
किया जायेगा। कचरा शोधन संयंत्र में रीवा, सतना एवं सीधी जिले के 28 नगरीय निकायों का कचरा पहुंचेगा।

कचरा शोधन संयंत्र में तीन सौ एमटी प्रतिदिन क्षमता के कम्पोस्ट प्लांट के साथ पशु शवदाह गृह, सोलर एवोपोरेशन पॉन्ड का निर्माण कराया गया है। एकत्रित किये गये कचरे से 6 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा जिसके लिये संयंत्र की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
उल्लेखनीय है कि एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना मध्यप्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल द्वारा वर्ष 2017 में पीपीपी मोड में वेस्ट टू एनजीज़् अथाज़्त कचरे से बिजली उत्पन्न करने की नीव रखी गई थी। जिसके तहत लीड क्लस्टर मेम्बर रीवा नगर पालिक निगम के साथ सीधी एवं सतना सहित 28 नगरीय निकायों से डोर टू डोर कचरा संग्रहण कर ग्राम पहडिय़ा में कचरे से खाद तथा 6 मेगावाट विद्युत उत्पादन
का कार्य प्रस्तावित किया गया है।
इस परियोजना की लागत 158.67 करोड़ रूपये है जिसमें प्लांट निर्माण, वाहन क्रय एवं 32 स्थानों पर ट्रांसफर स्टेशन के निर्माण हेतु कार्य किया जाना है। योजना में 55 प्रतिशत राशि शासन
द्वारा एवं इस कार्य को करने हेतु अधिकृत एजेंसी रीवा एमएसडब्ल्यू मैनेजमेंट जाल्यसन लिमिटेड रीवा म.प्र. पूर्ण स्वामित्व रामकी एनवायरों इंजीनियर्स लिमिटेड हैदराबाद को अनुबंध किया गया। कार्य की अवधि 21 वर्ष है।
उक्त योजना के तहत एजेंसी को घर-घर कचरा संग्रहण रीवा, सतना एवं सीधी के 28 नगरीय निकाय से कचरा इकठ्ठा कर परिवहन के माध्यम से ग्राम पहडिय़ा में वैज्ञानिक पद्धति से जैविक खाद्य बनाना एवं विद्युत उत्पादन का कार्य करना निहित है।
इस परियोजना में 43 एकड़ क्षेत्रफल की भूमि आवंटित की गई है। जिसमें की 300 टीपीडी का कम्पोष्ट प्लांट, 500 टीपीडी आरडीएफ प्रोसेसिंग प्लांट, पशु शव दाह 200 के.पी./बी.आर. सेनेटरी लैंड फिल 175 टन प्रति दिवस एवं कंन्सट्रक्शन डिमोलिशन वेस्ट हेतु 100 टन प्रति दिवस की क्षमता से कायज़् करने हेतु स्वीकृति प्राप्त की
गई है।
इस प्रक्रिया से पयाज़्वरण को कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा एवं हरित ऊर्जा के रूप में कचरे को पुर्नचक्रण के माध्यम से निष्पादित किया जायेगा। साथ ही इस परियोजना के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को साकार किया जाएगा।

पहडिय़ा कचरा शोधन संयंत्र में रीवा संभाग के तीन जिलों के 28
नगरीय निकायों का कचरा पहुंचेगा। जिसमें रीवा तथा सतना जिले के 12-12 नगरीय निकाय तथा सीधी जिले के चार नगरीय निकाय शामिल हैं।
पहडिय़ा कचरा शोधन संयंत्र में रीवा जिले के रीवा, नईगढ़ी, हनुमना, बैकुण्ठपुर, सिरमौर, मऊगंज, मनगवां, गोविंदगढ़, गुढ़, सेमरिया, चाकघाट तथा त्योंथर नगरीय निकायों का कचरा पहुंचेगा।
सतना जिले के सतना, मैहर, कोटर, बिरसिंहपुर, उंचेहरा, रामपुर बघेलान, चित्रकूट, नागौद, अमरपाटन, कोठी, जैतवार तथा न्यू
रामनगर नगरीय निकायों का कचरा शोधन संयंत्र में पहुंचेगा।
इसी तरह सीधी जिले के सीधी, रामपुर नैकिन, मझौली तथा चुरहट नगरीय निकायों का भी कचरा पहडिय़ा के शोधन संयंत्र में पंहुचेगा।

Mrigendra Singh Reporting
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