मध्य प्रदेश सरकार की सद्बुद्धि के लिए कर्मचारी कर रहे हवन, जानें क्यों हैं नाराज

Manoj singh Chouhan

Publish: Jul, 13 2018 09:16:17 PM (IST)

Rewa, Madhya Pradesh, India
मध्य प्रदेश सरकार की सद्बुद्धि के लिए कर्मचारी कर रहे हवन, जानें क्यों हैं नाराज

छह सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चिकालीन हड़ताल पर नगर निगमकर्मी

रीवा। नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा अनिश्चिकालीन हड़ताल शुरू की गई है। लगातार तीसरे दिन भी निगम कार्यालय का ताला नहीं खुला, जिसके चलते कोई कामकाज नहीं हो सका है। सुबह 11 बजे कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों ने बाहर अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन भी किया गया।

इस बीच कर्मचारियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जाहिर की गई और कहा गया कि लंबे समय से सरकार केवल आश्वासन देती रही है, बड़ी मुश्किल से सातवें वेतनमान की घोषणा की गई है और अब अन्य मांगों को लेकर बहाने बताए जा रहे हैं।

कुछ दिन पहले ही सरकार की ओर से कर्मचारी संगठन को बताया गया है कि जो मांगे वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के पास लंबित हैं उन्हें फिलहाल पूरा नहीं किया जा सकता। इसकी वजह से कर्मचारियों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया और 11 जुलाई से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। तीसरे दिन भी कार्यालय के बाहर दिनभर कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन चलता रहा। जिसमें नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव अच्छेलाल पटेल, जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, निगम के अध्यक्ष अरुण शुक्ला, राजेश चतुर्वेदी, मुन्नालाल बाल्मीक, बुद्ध सिंह करौसिया, रावेन्द्र सिंह, हेमंत त्रिपाठी, केशव पटेल, संतोष सिंह बघेल, सुखेन्द्र चतुर्वेदी, अतुल सिंह, द्वारिका पटेल, सुनील चुटेले, रंजीत सिंह, अरुण पांडेय, विद्यार्थी शुक्ला, सूर्यकुमार तिवारी, त्रिलोकी गुप्ता सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

आवश्यक सेवा वाले कर्मचारियों को छोड़ा गया

नगर निगम आयुक्त के कहने पर आवश्यक सेवा पानी, सफाई और बिजली का काम देख रहे कुछ कर्मचारियों को काम पर वापस भेजा गया है। जिसके चलते नाला गैंग से कई स्थानों पर सफाई कराई गई है। कहा जा रहा है कि ये कर्मचारी भी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं लेकिन आंशिक रूप से आवश्यक सेवाओं के लिए काम भी करेंगे। आयुक्त ने एक दिन पहले ही कहा था कि बाद में काम पर लौटने के दौरान बिगड़ी समस्याओं को सुधारने में समस्या होगी, इस वजह से जरूरत पडऩे पर काम करते रहें।

इन मांगों को लेकर कर रहे आंदोलन

नगरीय निकायों के कर्मचारियों द्वारा जिन मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है उसमें प्रमुख रूप से समयमान-वेतनमान का लाभ, सितंबर 2016 तक के सभी दैनिक वेतन भोगियों को स्थाई कर्मी का दर्जा दिए जाने, सामुदायिक संगठकों को नियमित करने तथा निकायों के स्थापना व्यय की सीमा समाप्त करने, सेवाभर्ती नियमों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद समाहित करने, समय पर पदोन्नति, क्रमोन्नति का लाभ, कर्मचारियों के भत्ते एवं अनुकंपा नियुक्ति आदि के मामलों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।

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