वर्क फ्रॉम होम : हर माह 1.72 लाख हितग्राहियों के खाते में भेज रहे 10 करोड़ से ज्यादा की पेंशन

कलेक्ट्रेट भवन में सामाजिक न्याय विभाग में 95 फीसदी कर्मचारी घर से कर रहे कार्य, आश्वयकता पडऩे पर ही पहुंच रहे कार्यालय

By: Rajesh Patel

Updated: 24 May 2020, 09:16 AM IST

रीवा. कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति न केवल निजी संस्थानों में बल्कि सरकारी दफ्तरों में भी कारगर साबित हो रही है। रोटेशन में दफ्तर आना तो कभी घर से ही काम करना, इससे कर्मचारियों को राहत मिली है।

घर पर ही कर्मचारी कर रहे कार्य
कलेक्ट्रेट में सामाजिक न्यास विभाग के जेडी अनिल दूबे ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में ज्यादातर कर्मचारी घर पर ही काम कर रहे हैं। शासन की नई व्यवस्था में पचास फीसदी कर्मचारी कार्यालय आ रहे हैं। ऑनलाइन हर माह 1.72 लाख से ज्यादा हितग्राहियों के खाते में 10 करोड़ रुपए से अधिक पेंशन जारी कर रहे हैं।

बढ़ जाती है जवाबदेही
सामाजिक न्याय विभाग में योजनाओं की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी मृगेन्द्र श्रीवास्तव को है। मृगेन्द्र कहते हैं कि कोविड-19 के समय कार्यालय का काम शत-प्रतिशत कार्य वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। घर से ही हर योजनाओं की ऑनलाइन अपडेट जानकारी अपलोड की जा रही है। पेंशन की प्रक्रिया पूरी करते हैं। कार्यालय की हर जिम्मेदारी को घर से निपटा रहे हैं।

दफ्तर, घर में अंतर
दफ्तर और घर, दोनों के कार्य में अंतर है। दफ्तर रूटीन कार्य के साथ अन्य कार्य भी देख लेते हैं। इस समय घर पर ऑनलाइन कार्य हो रहे हैं। आश्यकता पडऩे पर कार्यालय भी जाते हैं। कार्यालय के अधिकतर कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। कार्यालय में 12 कर्मचारियों का स्टाफ है। अधिकांश कर्मचारी के कार्यालय नहीं आने से आफिस में बिजली, पानी की बचत हो सकती है। व्यक्तिगत खर्च में भी कमी आई है।

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Rajesh Patel Reporting
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