शिक्षा व्यवस्था में चल रहा गड़बड़झाला, स्कूल में एक ही विषय के दो-दो अतिथि शिक्षक, एेसे करवा रहे पढ़ाई

शिक्षा व्यवस्था में चल रहा गड़बड़झाला, स्कूल में एक ही विषय के दो-दो अतिथि शिक्षक, एेसे करवा रहे पढ़ाई

Manish Kumar Dubey | Publish: Sep, 08 2018 05:07:45 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

एक नई भर्ती प्रक्रिया के तहत तो दूसरा कोर्ट से स्टे लाकर स्कूल में पदस्थ

सागर. शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। सागर जिले के स्कूलों में एक ही विषय के दो-दो शिक्षक पदस्थ हो गए हैं। इनमें एक शिक्षक ऑनलाइन प्रक्रिया वाले हैं और दूसरे कोर्ट से स्टे लेकर आए हुए हैं।
पुराने शिक्षकों को कोर्ट के स्टे के बाद ज्वॉइन तो करा दिया गया है, लेकिन उनका नाम विभाग के पोर्टल पर नहीं दिख रहा है, जिसके कारण नए नियम के तहत उनका वेतन भी जारी नहीं किया जाएगा। कोर्ट से स्टे लाकर करीब 300 शिक्षकों ने ज्वाइन कर लिया है। करीब डेढ़ महीने पहले शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी, जिसका विरोध करते हुए पहले से कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने कोर्ट में ऑफलाइन भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर गुहार लगा दी। कोर्ट के स्टे तक भर्ती प्रक्रिया में कई नई स्कूलों में शिक्षकों ने ज्वॉइन भी कर लिया। हालांकि स्टे के बाद जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने मामले की अगली सुनवाई तक नए शिक्षकों की ज्वॉनिंग पर रोक लगा दी है। वहीं कोर्ट का स्टे लाकर रिलीव हो चुके कई पुराने अतिथि शिक्षकों ने ज्वॉइन भी कर लिया हे। इनमें कई एेसे स्कूलें हैं, जहां नई भर्ती प्रक्रिया के तहत पहले से ही शिक्षक कार्यरत हैं। अब स्कूलों एक ही विषय के दो-दो शिक्षक हो गए हैं।

अब तक ३०० ने लिया स्टे
जिले में सागर विकासखंड के मोहली हायर सेकंडरी स्कूल में इकोनॉमिक्स, मसुरहाई हासे स्कूल जैसी नगर में हिंदी, बंडा बरा की स्कूल में राजनीति, गोराखुर्द मिडिल जैसे कई स्कूलों में २-२ शिक्षक कार्यरत हैं। जिले में अतिथि शिक्षकों के करीब ३ हजार पद रिक्त हैं। इनमें से कोर्ट से स्टे लाकर करीब ३०० शिक्षक व नई भर्ती प्रक्रिया से करीब १ हजार शिक्षक ज्वाइन कर चुके हैं।
इधर, 10 से सितंबर से शुरू होने है तिमाही परीक्षा
जिले में 9वीं से 12वीं तक संचालित सरकारी स्कूलों में 10 सितंबर से तिमाही परीक्षा शुरू हो रही है, लेकिन अभी तक कई स्कूलों में अतिथि शिक्षक ही नहीं पहुंचे हैं। अधिकांश स्कूलों में पदस्थ अतिथि शिक्षक रिलीव हो चुके हैं। कई स्कूलों में नए शिक्षकों ने ज्वाइन नहीं किया है। बरारू स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत विषय के कोई शिक्षक नहीं हैं। एेसे कई स्कूलें हैं। जहां बच्चों को अभी तक एक चौथाई कोर्स ही पूरा नहीं हो पाया है। अतिथि शिक्षक संघ के प्रवक्ता शशांक पाण्डेय ने बताया कि २-२ हजार रुपए खर्च कर कई शिक्षक कोर्ट से स्टे तो ले आए हैं, लेकिन उन्हें ज्वॉइन नहीं कराया जा रहा है। शिक्षक कोर्ट, डीइओ और प्राचार्य के चक्कर काट रहे हैं।

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