7 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, गरबा में दिखेगा उत्साह

7 अक्टूबर से नवरात्र की शुरूआत होगी। नवरात्र यानि उत्साह, उमंग और शृंगार के दिन। नवरात्र शुरू होने के पहले शहर में गरबा का रंग चढऩे लगा है।

By: Atul sharma

Published: 24 Sep 2021, 07:49 PM IST

सागर. ७ अक्टूबर से नवरात्र की शुरूआत होगी। नवरात्र यानि उत्साह, उमंग और शृंगार के दिन। नवरात्र शुरू होने के पहले शहर में गरबा का रंग चढऩे लगा है। शहर में कई स्थानों पर गरबा होंगे, इनमें शामिल होने के लिए प्रतिभागी प्रैक्टिस में जमकर पसीना बहा रहे हैं। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से केवल पंडाल में मां दुर्गा की स्थापना हुई थी, लेकिन इस बार लोग गरबा के लिए भी उत्साहित हैं।

शहर में कई ग्रुप गरबा की तैयारी में जुटे हैं, इन्होंने पहले फिटनेस कैंप भी लगाए ताकि गरबा प्रतिभागियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बड़े। गरबा की प्रैक्ट्रिस शुरू होने के बाद बाजार में भी व्यापारियों के पास गरबा ड्रेस के ऑर्डर आने लगे हैं। पिछले वर्ष व्यापारियों ने खरीदी तो कर ली थी लेकिन गरबा न होने की वजह से करोडा़ें रुपए का कारोबार प्रभावित हो गया था, लेकिन इस साल व्यापारियों की भी उम्मीद है कि बाजार अच्छा चलेगा। गरबा में पहनी जाने वाली ट्रेडिशनल ड्रेस (महिलाओं की चनिया चोली और पुरुषों की कोडिया) की मांग बढ़ गई है। इस साल ट्रेडिशनल लहंगा, बांधनी, डबल घेर लहंगा, मल्टी लेयर लहंगा, राजस्थानी, काठियावाड़ी ड्रेस की खरीदारी हो रही है। व्यापारियों के अनुसार नवरात्र में 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार शहर में होगा।

5 हजार रुपए तक की ड्रेस की मांग
कारोबारियों के मुताबिक चानिया चोली और केडिया लाइट वर्क से लेकर हैवी वर्क तक में है। इनकी कीमत 500 रुपए से 5 हजार रुपए तक है, इतनी कीमत की ड्रेस लोग खरीदते हैं। इसमें मशीन और हाथ दोनों से काम देखने को मिलेगा। ट्रेडिशनल लहंगा पसंद करने वालों के लिए कच्छ वर्क अच्छा है। इसमें कच्छ की एम्ब्रायडरी और डिजाइंस देखने को मिलती है और बड़े-बड़े पैचवर्क के इस्तेमाल से हैवी लुक दिया जाएगा।

किराए पर भी मिल रही ड्रेस, साथ में मैचिंग जेवर भी
विक्रेता अमित जैन ने बताया कि कई लोग नवरात्र के पूरे नौ दिन गरबा के लिए अलग-अलग ड्रेस खरीदते हैं। जो लोग नौ दिन के लिए अलग-अलग ड्रेस लेते हैं, वे किराए से लेते हैं। इनका 24 घंटे का किराया लगभग 500 रुपए से शुरू होता है। अलग-अलग डिजाइन और वर्क के मुताबिक कीमत तय की जाती है। ड्रेस के साथ मैचिंग ज्वेलरी भी किराए पर दी जाती है। गरबा की ज्वेलरी में गले का हार, टीका, बालियां, सीप के चूड़े, कमरबंद, कमर के झुमके व पाइजेब प्रमुख होते हैं। अमित ने बताया कि पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से व्यापारा बिल्कुल नहीं हुआ था लेकिन इस वर्ष अभी से बुकिंग होना भी शुरू हो गई है।

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