मिड डे मील के मानदेय भुगतान में पैसों की मांग का लगाया आरोप

Rajesh Kumar Pandey

Publish: Oct, 12 2017 04:15:25 PM (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India
मिड डे मील के मानदेय भुगतान में पैसों की मांग का लगाया आरोप

स्वसहायता समूह की संचालक ने बीईओ से शिकायत

सीहोरा. राहतगढ़ जनपद की शासकीय माध्यमिक शाला टीला बुजुर्ग में स्वसहायता समूह को समय पर मानदेय न देने और मानदेय के लिए अधिकारी द्वारा रुपयों की मांग का आरोप लगाया गया है।
जनवरी 2009 से मध्याह्न भोजन बनाने वाले जय देवी स्वसहायता समूह की संचालक चांदनी पति गोपालसिंह ने बताया कि उन्हें एक हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। लेकिन 25 जून 2016 से उनको मानदेय नहीं मिला रहा है। उन्होंने मानदेय दिलाने के लिए जब जन शिक्षा अधिकारी को आवेदन दिया तो उन्होंने बताया कि आपका पैसा गलती से मालती बाई के खाते में जमा हो गया है। जो आपको ट्रांसफर कर दिया जाएगा लेकिन वह अब तक नहीं हुआ। जब माध्यान्ह भोजन अधिकारी को मानदेय निकलवाने की बात कही तो उन्होंने दो हजार रुपये की मांग की यहीं नहीं जब चांदनी ने पुन: जनषिक्षा अधिकारी विनोद वैद्य से मानेदय की मांग की तो उन्होने भी पैसों की मांग की।
जिसकी षिकायत लिखित रुप से चांदनी ने बीईओ राहतगढ़, जिला शिक्षा कार्यक्रम अधिकारी सागर सहित अन्य अधिकारियो से की लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। चांदनी देवी ने कहा कि मानदेय के लिए वे चक्कर लगाने मजबूर हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में संचालित मध्याह्न भोजन योजना के तहत संचालित एनजीओ के साथ विभागीय अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की जाने वाले कमीशनबाजी के चक्कर में बच्चों को मीनू व गुणवत्ताअनुसार भोजन नहीं मिल रहा है। जिससे मध्याह्न भोजन योजना को लेकर लगातार आरोप प्रत्यारोप के दौर चलते रहते हैं और योजना अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर पा रही है। इसी कारण से अधिकांश बच्चों का मोहभंग सरकारी मध्याह्न भोजन योजना से होता जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने आवेदन दिया था जिसे बीआरसीसी के पास भेज दिया गया है। मध्याह्न भोजन की राशि भुगतान के साथ जांच के लिए लिखा
गया है।
जेपी सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, राहतगढ़

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