राजनीति को स्वच्छ करने चली जमकर बहस, अधिवक्ताओं के स्वर में दिखी एकता, सरकार को लग सकता है झटका

राजनीति को स्वच्छ करने चली जमकर बहस, अधिवक्ताओं के स्वर में दिखी एकता, सरकार को लग सकता है झटका

govind agnihotri | Publish: May, 18 2018 11:22:43 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

पत्रिका के अभियान को सराहा

सागर. राजनीति के शुद्धिकरण के लिए पत्रिका द्वारा चलाए जा रहे चेंजमेकर अभियान में गुरुवार से अधिवक्ता भी साथ आ गए। पत्रिका के आह्वान पर वकीलों ने राजनीति को स्वच्छ बनाने के लिए 'बहस की। जिला न्यायालय परिसर में दोपहर दो बजे शुरू हुई परिचर्चा में अधिवक्ताओं ने न केवल पत्रिका के अभियान को सराहा, बल्कि आने वाले चुनाव में स्वच्छ छवि और ईमानदार व्यक्ति को अपना जनप्रतिनिधि चुनने की बात कही।


& राजनीति में आज धनबल, बाहुबल का उपयोग हो रहा है और यह इसलिए है कि क्योंकि हम चुप हैं। आम आदमी को राजनीति से सरोकार नहीं है, इसीलिए अपराधी व दागी लोग सत्ता में बैठे हुए हैं।
अंकलेश्वर दुबे, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष


& राजनीति के शुद्धिकरणके लिए अधिवक्ताओं को आना चाहिए। इतिहास गवाह है अधिवक्ताओं ने ही देश की दशा और दिशा को बदलने के लिए सबसे आगे आकर अपना सहयोग दिया है। राधाकृष्ण व्यास

 


& राजनीति को स्वच्छ करने पत्रिका द्वारा चलाए जा रहे अभियान से सक्रिय लोगों को जुडऩा चाहिए। दागदार लोगों ने राजनीति को ऐसे बदनाम कर दिया है कि आज एक सभ्य व्यक्ति इसमें आने से डरता है।
राजेश मिश्रा

 


& हम जब तक राजनीति को गंदा मानकर दूर भागते रहंेगे, तब तक स्वार्थी इसमें कब्जा जमाए रहेंगे। लोकतंत्र में मतदाता ही सर्वोपरी है। हमें लोगों को जागरुक करना होगा। रजनी ठाकुर


& राजनीति अपराधियों, पूंजीपतियां का अड्डा बनी है। हम इसके जिम्मेदार हैं, हमनें राजनीति से दूरी की लकीर खींच दी है। जब अच्छा व्यक्ति आगे आएगा और हम सपोर्ट करेंगे तो राजनीति में स्वच्छता स्वत: ही आ जाएगी।
मनीष पाण्डेय


& राजनीतिक दलों के दोहरे चरित्र को हमें त्यागना होगा। हम आज की विभाजनकारी नीतियों में न आकर विकास पर चर्चा के लिए दबाव बनाएं, इससे जाति, धर्म और धनबल की राजनीति पीछे रह जाएगी। महेंद्र सेन


& राजनीति की स्वच्छता के लिए हमें दूसरे देशों में चलाए गए अभियान को अपनाना चाहिए। अब हमें हितों को त्यागकर एक अच्छी छवि के व्यक्ति को चुनना होगा। इसके लिए जागरुकता बेहद जरूरी है।
जगमोहन लोधी


& अब आगामी चुनावों में आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति का समाज के हर वर्ग को तिरस्कार करना चाहिए। राजनीति तक तक नहीं सुधरेगी, जब तक हम उसकी सुचिता के लिए प्रयास नहीं करेंगे।
महेश नेमा


& जातिगत आरक्षण खत्म होना चाहिए। योग्यता से सबको यथा संभव स्थान मिले। तभी सुधार हो सकता है। इसके लिए अधिवक्ताओं को चाहिए कि आज से संकल्प लें कि हम पत्रिका के इस अभियान के साथ हैं। शिरोमणी जैन


& राजनीति प्रदूषित हो चुकी है। हमें महापुरुषों से प्रेरणा लेनी चाहिए। एक लड़ाई उन्होंने आजादी के लिए लड़ी थी और दूसरी लड़ाई आज हमें भ्रष्टाचार व राजनीति की सुचिता के लिए लडऩी होगी। सतेंद्र सराफ

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